अरवल: बालू बंदी से उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या को लेकर भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने गधे के साथ प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च बस स्टैंड से भगत सिंह चौक होते हुए प्रखंड कार्यालय के प्रांगण में पहुंचा। इसका नेतृत्व जन संगठन के जिला सचिव उपेंद्र पासवान ने किया। मौके पर विधायक महानंद सिंह, भाकपा माले के जिला सचिव जितेंद्र यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव डा. रामाधार सिंह समेत अन्य लोगों ने अपनी बातें रखीं।

विधायक ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में गधा रखने वाले मजदूरों का रोजगार ठप हो गया है। उनलोगों को अपने परिवार का पालन-पोषण के अलावा मवेशियों का भी पेट चलाना पड़ता है। पुलिस प्रशासन के द्वारा इन गरीबों पर डंडा चलाया जा जाता है। उन्होंने कहा कि बालू माफिया और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से यहां पर बालू पर कब्जा हो गया है। गरीबों को गधे द्वारा बालू उठाने वाले पर डंडा चलाई जाती रही है। आज तक के इन लोगों के परिवार का पालन पोषण गधे पर बालू उठाव से होता है लेकिन यहां की पुलिस प्रशासन बड़े माफियाओं पर कार्रवाई नहीं कर के छोटे-छोटे गरीब परिवारों पर शोषण किया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य की सरकार गरीब परिवारों को परेशान कर रही है। विधायक ने कहा कि सरकार इन परिवार को जमीन एवं राशन कार्ड भी नहीं दे रही है। मार्च के उपरांत मनरेगा योजना के तहत काम देने की मांग समेत जिलाधिकारी को पांच सूत्री मांग का ज्ञापन भी सौंपा गया। इस दौरान रामाकांत कुमार, नंद किशोर कुमार, शोएब आलम, अरविद कुमार, नूर आलम, लल्लू मियां,जफर मियां समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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