अरवल। जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न केंद्रों पर शनिवार को बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रथम इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा का पहला चरण जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हई। इसके लिए जिलाधिकारी सतीश कुमार ¨सह तथा एसपी उमा शंकर प्रसाद

के अलावा अन्य पदाधिकारी काफी सजग रहे। पहले दिन की दोनों पालियों की परीक्षा संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन से लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई । नियंत्रण कक्ष में वरीय अधिकारी इसकी मॉनिट¨रग कर रहे थे। परीक्षा केन्द्रो पर केंद्राधीक्षक परीक्षा कां निरीक्षण कर रहे थे। कहीं से कोई गड़बड़ी नही हो और शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न हो इसके लिए बखूबी निर्वहन किया गया। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह था। सुबह से ही लोग सेंटर पर पहुंच रहे थे। परीक्षार्थियों की वजह से बाजार में गहमागहमी बनी हुई थी। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर तक धारा 144 लागू था। सेंटर के आसपास कड़ी नजर रखी जा रही थी कहीं से कोई संवेदनशील या संदेहास्पद व्यक्ति को सेंटर के 200 मीटर के अंदर प्रवेश करना वर्जित था। परीक्षा केंद्र मे परीक्षार्थियों को पूरी तरह से जांच कर अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था। प्रत्येक केन्द्र के चारों तरफ जैमर लगाया गया था जिससे मोबाइल सेवा सेंटर के अंदर बाधित रहा। परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा मे शामिल वीक्षक परीक्षार्थियों पर पान मसाला गुटखा तंबाकू सिगरेट कोल्ड ¨ड्रक आदि प्रतिबंधित किया गया था। प्रथम पाली में परीक्षा में शामिल होने वालों को जूता खुलवा लिया गया था जिस वजह से खाली पैर परीक्षा देना मजबूरी हो गया। इस दौरान छात्र सुनील कुमार, सौरभ कुमार, ¨पटू कुमार के अलावे अन्य छात्रों से वार्ता की गई तो बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हुई और प्रश्न भी काफी सामान्य था। परीक्षा के बाद काफी उत्साहित है हालांकि जूता नहीं होने से पैर में ठंड लगने की बात कही। परीक्षा सेंटर पर बायोमैट्रिक तरीके से उपस्थिति दर्ज कराई गई। परीक्षा के दौरान कहीं भी कदाचार की शिकायत नहीं मिली। प्रथम पाली में 1137 परीक्षार्थी उपस्थित हुए वहीं द्वितीय पाली में1190 परीक्षार्थी पहुंचे। इसके अलावा प्रथम पाली में 7 63 दूसरी पाली में 810 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया।जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार कर्मचारी चयन आयोग के प्रथम चरण का परीक्षा संपन्न हुई। कहीं से कोई कदाचार की शिकायत नहीं मिली। हर सेंटर पर जिलाधिकारी सतीश कुमार ¨सह और जिले के पुलिस कप्तान उमाशंकर ¨सह मॉनिट¨रग कर रहे थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी किसी पर संदेह होने पर उसकी पूरी जांच की जा रही थी और जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा के अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था। परीक्षा में परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड के अलावा कोई भी वस्तु ले जाने की इजाजत नहीं था। परीक्षार्थियों ने भी एडमिट कार्ड के अलावा कुछ नहीं अंदर ले गए।

Posted By: Jagran