अरवल । स्थानीय नगर भवन में बुधवार को बसपा के जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष मनोज ¨सह यादव की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में यूपी सरकार के पूर्व मंत्री व संगठन के बिहार प्रभारी राम अचल राजभर ने कहा कि बहुजन समाज को अभी भी अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष की शुरूआत 1848 में ज्योतिबा फूले और माता सावित्री बाई फूले के द्वारा की गई थी। उसके बाद इस संघर्ष की बागडोर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेदकर ने संभाली थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने हमलोगों को पांच अधिकार दिया है। उसी के सहारे बहुजन समाज के लोग कुछ अधिकार प्राप्त किए हैं लेकिन अभी भी कई अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने ही शिक्षा के प्रति जागृति लाई थी जिसके कारण ही हमलोग अपने अधिकारों के बारे में समझ सके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज के लोग जागरूक रहें। लोग अपने बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान दें। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि बाबा साहेब के बाद इस आंदोलन को कासीराम ने लड़ाई के रूप में स्वीेकार किया था। अब मायावती इस लड़ाई को लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में सभी का सहयोग जरूरी है। इसी लड़ाई का परिणाम हुआ कि यूपी जैसे बड़े प्रदेश में बहुजन की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में केंद्र की सत्ता की चाभी पार्टी सुप्रीमो मायावती के हाथों में होगी। नगर भवन में उमड़ी भीड़ को देखकर उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि इस इलाके में भी बहुजन समाज के लोगों में जागृति आ गई है। अपने हक हकूक के लिए इस समाज के लोग जाग गए हैं। उन्होंने कहा कि कई तथाकथित नेता हमलोगों को बांटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोगों को संगठित होकर संघर्ष करने से ही अधिकार हासिल होगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, जहानाबाद के जिलाध्यक्ष व्यासमुनि दास, सुरजीत सक्सेना, शिव कुमार चंद्रवंशी आदि लोगों ने भी अपना-अपना विचार रखा। इसके पूर्व पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिले की सीमा पर प्रदेश प्रभारी का स्वागत किया। बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल सवार कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।

Posted By: Jagran