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बिहार में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगा 1 करोड़ तक का लोन, योजना में 35% या 10 लाख तक का अनुदान

Published: Wed, 20 May 2026 02:56 PM (IST)

अरवल जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए 1 करोड़ रुपये तक ...और पढ़ें

बिहार में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगा 1 करोड़ तक का लोन

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जागरण संवाददाता, अरवल। जिले में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योग लगाने के लिए जिला उद्योग केंद्र ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत इच्छुक उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।

जानकारी के अनुसार, पारंपरिक रूप से खाद्य निर्माण से जुड़े ऐसे उद्यमी जो पूंजी और संसाधनों के अभाव में अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं उन्हें योजना के तहत क्षमता विस्तार के लिए एक करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जाएगा।

वहीं, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने वालों को भी एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में नए उद्योग लगाने वाले सभी वर्गों के उद्यमियों को 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को तकनीकी, वित्तीय और विपणन सहायता प्रदान करना है, ताकि उद्यमी अपने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना सकें।

पीएम सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खुला है। इच्छुक उद्यमी आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के दौरान उद्यमियों को अपनी नजदीकी बैंक शाखा का चयन करना होगा। बैंक ऋण स्वीकृत होने के बाद मार्जिन मनी अनुदान सीधे उद्यमियों के खाते में भेजी जाएगी। योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर किसी प्रकार की गारंटी नहीं देनी होगी

इस तरह के लगा सकते हैं उद्योग

योजना के तहत दूध से बने उत्पाद, मसाला उद्योग, पापड़, गुड़, चूड़ा, पोहा और बेकरी उद्योग को शामिल किया गया है। इसके अलावा डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, अगरबत्ती, टोकरी और रबर उत्पाद, हस्तशिल्प तथा टेक्सटाइल आधारित उद्योगों को भी योजना में शामिल किया गया है।

सेवा क्षेत्र में ऑटो रिक्शा, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, ब्यूटी पार्लर और वर्कशॉप जैसे व्यवसाय भी योजना के दायरे में रखे गए हैं।

क्या कहते हैं पदाधिकारी?

खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े पुराने उद्योगों के क्षमता विस्तार और नए उद्योग लगाने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना का संचालन 2022 से शुरू है। इस योजना के लाभ लेने के लिए 517 आवेदन आए हैं जिसमें 198 लोगों की लाभ दिया गया है। इच्छुक उद्यमी डीआरपी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। - सहदेव दास, उद्योग महाप्रबंधक

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