संसू, रेणुग्राम (अररिया): प्रथमिक शिक्षा को सु²ढ़ करने तथा गुणवत्ता पूर्ण पढ़ाई हो इसके लिए सरकार द्वारा नित नए उपाय किए जा रहे है। पर इससे इतर अब भी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा सामान्य शिक्षक ही देते है। जिससे प्राइमरी शिक्षा में बच्चे अंग्रेजी के ए,बी, सी, डी से लेकर जेड तक या इससे कुछ ही अधिक जान पाते है। प्राथमिक विद्यालयों में विषय वार शिक्षक की कमी है। फारबिसगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय घोड़ाघाट की बात करे तो यहां तो वैसे कूल आठ शिक्षक है। पर अंग्रेजी विषय के लिए कोई शिक्षक नही है। विद्यालय प्रधान बासीकुर रहमान बताते है कि अलग से अंग्रेजी शिक्षक नही है। सामान्य शिक्षक ही बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाते है। विद्यालय के शिक्षक शेखर कुमार झा ने बताया कि छात्रों को ए, बी, सी, डी से लेकर वर्ड मीनिग, ग्रामर आदि की प्राथमिक जानकारी सिखाया जाता है। बच्चों को अल्फावेट, सिपल ग्रामर, बुक आदि पढ़ाते है। बच्चों को ए, बी, सी,डी आदि पढ़ कर सुनाया जाता है। फिर बच्चों से पूछा जाता है। वर्ग पांच की छात्रा चानो खातून, काजल खातून, वर्ग के चार के छात्र अब्दुल बालिद ने ए,बी सी,डी से लेकर जेड तक पढ़ कर सुनाया तथा कहा कि वर्ड मीनिग, महीना, दिन आदि अंग्रेजी में जानती हूं। बताया कि अंग्रेजी पढ़ना अच्छा लगता है। आगे भी अंग्रेजी की पढ़ाई चाहती हूं। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में दिखने को मिला जहां सामान्य शिक्षक ही बच्चों को अंग्रेजी का गुर सिखाते है। यहां के प्रधान शिक्षक राजीव रंजन ने बताया कि विद्यालय में विषय वार कह कर शिक्षक नही है। प्राइमरी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। सामान्य शिक्षक ही बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा देते है। शिक्षक अमित कुमार साह कहते है कि विद्यालय के वर्ग कक्ष में ए, बी, सी, डी से लेकर अंग्रेजी में फलों, दिनों, महीनों आदि के नाम क्रमवार सजा कर लिखा हुआ है। जिससे बच्चों को अंग्रेजी सिखाने में काफी सहयता मिलती है। बच्चों को छोटा छोटा वर्ड सिखाया जाता है। विद्यालय के वर्ग पांच के छात्र जीवन सोरेन, छात्रा शांति कुमारी, आदि ने बताया कि अंग्रेजी में दिन और महीने का नाम जानते है। अंग्रेजी विषय पढ़ने में मन लगता है।

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