संसू सिकटी(अररिया): एक तरफ कोरोना से मुक्ति की दिशा में पंचायत से लेकर जिला तक कें अधिकारी युद्ध स्तर पर लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर सीमावर्ती क्षेत्र कें कई प्राइवेट स्कूल व कोचिग संस्थान सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी व गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश निर्गत किया है, जिसकी समय सीमा अब 18 अप्रैल तक बढ़ा दी गईं है। लेकिन कई प्राइवेट शिक्षण संस्थान चलाने वाले अपनी मर्जी से शिक्षण कार्य को संपादित कर रहे हैं। जहां कोराना नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में आधे दर्जन से अधिक निजी स्कूल व कोचिग सेंटरों में प्रतिदिन शिक्षण कार्य संचालित है। गुपचुप ढंग से प्रतिदिन स्कूल और कोचिग सेंटर का संचालन किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाते हुए दो-दो शिफ्ट में पढ़ाई कराई जा रही है। पहली शिफ्ट सुबह 5 से 8 बजे तक चलती है। वहीं, दूसरी शिफ्ट 9 से बारह बजे तक चलती है। प्रशासन की नजरों से बचने के लिए स्कूल प्रशासन ने बच्चों को स्कूली ड्रेस के बजाय नॉर्मल ड्रेस में आने का आदेश दिया है। जिसका अनुपालन बच्चे कर रहे है। इसके अलावा कई प्राइवेट कोचिग संस्थान बंद के आदेश को नजर अंदाज कर रहे हैं। मोटी फीस का आनंद उठा रहे हैं। इनमें कई सरकारी शिक्षक भी शामिल हैं, जो बच्चों को झुंड में पढ़ा रहे हैं। इन संस्थानों में न हीं बच्चे मास्क पहने हुए मिलेंगे औऱ न हीं शारीरिक दूरी का पालन करते हुए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अब 18 अप्रैल तक सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों एवं कोचिग में बच्चों का पठन-पाठन बंद करने का आदेश जारी किया है। मास्क एवं दो गज दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। प्रखंड के अधिकारी लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं। बावजूद एक वर्ग ऐसा भी है जो इन चीजों को नजरअंदाज कर नौनिहालों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। एक स्कूल प्रबंधक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि शहरी इलाकों में तो स्कूल प्रशासन बंद कर देते है परंतु ग्रामीण इलाकों में बिहार सरकार के आदेश भगवान भरोसे चलती रहती है। बच्चे पढ़ने आ रहे हैं तो सेंटर चल रहा है। ---क्या कहते हैं बीआरपी--- सरकारी आदेश के बावजूद निजी विद्यालय और कोचिग का संचालन गलत है। जिला से 18 अप्रैल तक सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने का आदेश प्राप्त है। विभागीय आदेश का उल्लंघन करने पर इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों से की जाएगी जिस पर विधिसम्मत कार्रवाई निश्चित है। बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ की दिशा में ऐसे संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

Edited By: Jagran