अररिया। महिला पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की थी। इसके तहत महिलाओं को उनके दायित्वों से अवगत कराते हुए नेतृत्व करने की दक्षता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। देश के प्रत्येक जिले से एक-एक तेजतर्रार महिला अधिकारी को दिल्ली में आवासीय प्रशिक्षण दिया गया था।अररिया में कृषि वैज्ञानिक शिखा चौधरी को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसे लेकर मात्र एक कार्यशाला 20 मार्च को केवीके में आयोजित किया गया था जिसमें महिला प्रतिनिधियों में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया और वार्ड सदस्यों की 45 सदस्यीय बैच के लिए क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया था। इस मौके पर 27 से 30 तक दिल्ली से प्रशिक्षण लेकर लौटी कृषि वैज्ञानिक शिखा चौधरी ने जानकारी दी थी कि जिले के सभी महिला प्रतिनिधियों को क्रम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है कि प्रत्येक महिला प्रतिनिधि में रानी लक्ष्मी बाई की तरह नेतृत्व क्षमता विकसित करनी है। बिना लीडरशिप विकसित किए नारियों का उत्थान नहीं होगा। उन्होंने महिला सशक्तीकरण का उदाहरण देते हुए जानकारी दी थी कि स्वयं को विकसित करना सबसे बड़ी राष्ट्रभक्ति है। हम महिलाओं की आदर्श रानी लक्ष्मी हो सकती हैं। वहीं इस संबंध में जिला परिषद सदस्य सह पूर्व जिप अध्यक्ष शगुफ्ता अजीम ने बताया कि पहले बैच की ट्रे¨नग में

जोकीहाट गुलशन आरा, पलासी की भासनी देवी, भरगावा की साधना देवी, फारबिसगंज की मंजू देवी, नरपतगंज की नूरजहां परवीन व रानीगंज की जिला परिषद पूनम पासवान के अलावा वार्ड सदस्या, महिला मुखिया और महिला प्रमुख इस मौके पर मौजदू थीं। वही अन्य महिला प्रतिनिधि इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने की प्रतीक्षा कर रही हैं। क्षमता संवर्धन का महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण केवीके की वैज्ञानिक शिखा चौधरी ने बताया कि उनका चयन बीपीएससी में हो गया है। इस समय वे मिथिला यूनीवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। मेरे साथ राजस्थान, बिहार और झारखंड के टीम को दिल्ली में महिला क्षमता संवर्धन की ट्रे¨नग दी गई थी।इस बाबत सिर्फ एक कार्याशाला के लिए राशि केंद्र सरकार ने आवंटित की थी। सभी महिला प्रतिनिधियों को केंद्र सरकार क्षमता संवर्धन को लेकर प्रशिक्षण देगी। फिलहाल अररिया जिला मेरा

चयन बीपीएससी में होने से इस समय वंचित हो गया है।

-------कोट--------- महिला क्षमता संवर्धन को लेकर केवीके अररिया को कोई बजट मेरे कार्यकाल में आवंटित नहीं किया गया है। शिखा चौधरी को इस बाबत एनआइपीपीसीडी ने दिल्ली में ट्रे¨नग दी थी। उनका चयन बीपीएससी में हो गया है। सबौर विश्वविद्यालय में कुशल प्रशिक्षकों की कमी नहीं हैं।

-वैज्ञानिक अर¨वद कुमार सिन्हा, प्रधान, केवीके, अररिया।

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