अररिया । दिन के 11 बजे हैं। अभियान के तहत जागरण टीम अररिया प्रखंड के सीडीपीओ कार्यालय में मौजूद थी। पहली मंजिल पर बाल विकास परियोजना का कार्यालय है। सवा 11:15 बजे पहली मंजिल पर चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अशोक कुमार को छोड़कर एक भी व्यक्ति मौजूद नहीं थे। सीडीपीओ कार्यालय बंद था। एलएस कक्ष में सारी कुर्सियां खाली थी। डेटा ऑपरेटर से लेकर प्रधान सहायक भी अबतक कार्यालय नहीं पहुंचे थे। अशोक कुमार ने बताया कि सडीपीओ व एलएस समाहरणालय में बैठक में गई हैं। प्रधान सहायक नीतू कुमारी गुरुवार से शनिवार तक कार्यालय में रहती हैं। शेष दिन जिला कार्यक्रम कार्यालय में प्रतिनियोजित हैं। करीब साढ़े ग्यारह बजे डेटा ऑपरेटर सुनील कुमार कार्यालय से बाहर मुलाकात होती है। उन्होंने कहा कि स्टाप की कमी है। सीडीपीओ मैडम डीएम की बैठक में शामिल होने गई हैं।

समय 12 से 12.30 बजे बंदोबस्ती कार्यालय बाल विकास परियोजना कार्यालय के सामने बंदोबस्त कार्यालय है। सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नागेंद्र प्रसाद अपने कार्यालय में मौजूद थे। भवन में इधर-उधर सामान बिखरा पड़ा था। बिजली थी। जगह- जगह पर नल भी लगे थे। लेकिन किसी नल से पानी नहीं निकल रहा था। एएसओ अजय मनी, अशोक कुमार आदि ने बताया कि संवेदक द्वारा कार्यालय में मोटर व बो¨रग नहीं लगाया गया है। जिसकारण कार्यालय में पानी का कोई व्यवस्था नहीं है। इस कार्यालय में सर्वे का काम चलता है। सरकार के निर्देश पर 1954 के बाद सर्वे का काम शुरू हुआ है। अररिया प्रखंड के 14 गांव में नया खतियान बनाने के लिए सर्वे का काम चल रहा है। 2022 तक जिले सभी प्रखंडों में सर्वे कार्य पूरा कर नया खतियान बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। संसाधन मुहैया होने पर निर्धारित तिथि के भीतर सर्वे कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे कक्ष में पांच कर्मी फाइलों को उलट पलट कर रहे थे।

- 12:40 से एक बजे तक पीएचसी

जागरण टीम 12:40 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अररिया पहुंची। अस्पताल में चहल पहल दिख रही थी। चिकित्सक ओम प्रकाश ¨सह अपने चैंबर में एकाउंटेंट से बातचीत कर रहे थे। वहीं सभा कक्ष में कलाकारों द्वारा आयुषमान भारत को लेकर नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजन हो रहा था। जिसमें बीएचएम प्रेरणा कुमारी, एमएनडी सुफियान, मो. सुफियान, दर्जनों एनएनएम मौजूद थे। इस दौरान एक एक युवक दवा के लिए अस्पताल पहुंचे। चिकित्सक ने युवक को बताया कि यहां साढ़े बारह बजे तक की ही दवा दी जाती है। युवक को सदर अस्पताल में जाने की सलाह दी गई। चिकित्सक ने बताया कि यहां कंपाउंडर व ड्रेसर की नियुक्ति नहीं है। इस पीएचसी में टीकाकरण, कलाजार सहित अन्य अभियान का संचालन होता है।

Posted By: Jagran