अररिया। पिछले वर्ष रामपुर बौंची व शहर के पनार पुल के नीचे लाखों की दवा जलाने का मामला सामने आया था। विभागीय अधिकारी जांच की बात कहकर मामले को ढंडे बस्ते में डाल दिया गया था। मंगलवार को एक बार फिर सीएस कार्यालय के पीछे दवा जलाने का मामला सामने आया है। सोमवार को लाखों की सरकारी दवा सदर अस्पताल परिसर में जलाई गई, वहीं डीएस जेएन माथूर मामले से अनभिज्ञता जाहिर किया। जबकि सदर अस्पताल परिसर में सीएस कार्यालय से महज कुछ ही कदम पर दवा जलाई गई है। इससे साफ प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग कितना लापरवाह है।

जानकारी के अनुसार, सीएस कार्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर दवा जलाई गई और किसी को पता नहीं चल पाया। ज्ञात हो कि 19 फरवरी 016 को पनार पुल के नीचे लाखों की दवा जलाई गई थी। वहीं वर्ष 2017 में बैरगाछी कुर्साकांटा मार्ग पर रामपुर मोहनपुर गांव के समीप हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर दवा फेका गया था। तत्कालीन सीएस ने मामले की जांच कराने की बात कही थी। इस मामले को सीएस ने गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित की थी। कोट - इस संबंध में कुछ नहीं बताएंगे। सीएस ही बता पाएंगे कि दवा क्यों जलाई गई है।

- जेएन माथूर, डीएस सदर अस्पताल अररिया ।

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