संसू.रानीगंज (अररिया): रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के मझुआ पूरब पंचायत में सम्पन्न शिक्षक नियोजन की अनियमितता की पोल खुल गई है। जहां नियमों की खुल कर धज्जिया उड़ाई गई है। गलत शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर नियोजन किया गया है। रानीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कामेंद्र कुमार कामेश ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रवि रंजन के आदेश पर रानीगंज थाना में केस दर्ज कराया है। डीपीओ ने अपने पत्र में बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर काउंसलिग कर चयनित होने के कारण नीतीश कुमार पिता इंदुभूषण सिंह द्वारा जिला पदाधिकारी अररिया को आवेदन दिया गया है कि दिनांक 12 जुलाई 2021 को पूर्णिया जिला के बनमनखी प्रखंड अंतर्गत पिपरा पंचायत के वर्ग एक से पांच तक का शिक्षक नियोजन काउंसलिग कराया गया है। जिसकी काउंसलिग रसीद और जिला चयनित सूची में क्रमांक 46 पर नाम दर्ज है। परंतु जब मैनें अररिया जिला के एनआईसी के साइट पर चयनित सूची देखा तो इस लिस्ट में रानीगंज प्रखंड अंतर्गत मझुआ पूरब पंचायत में क्रमांक 655 में भी गलत तरीके से मेरा नाम दर्ज किया गया है। जबकि मैं वहां उपस्थित भी नहीं था तथा मेरा मूल शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र पिपरा पंचायत के नियोजन इकाई में जमा है। डीपीओ ने कहा कि पंचायत सचिव मझुआ पूरब के द्वारा समर्पित चयनित अभ्यर्थियों के फोल्डर की जांच की गई नीतीश कुमार का चयन किया गया है। नीतीश कुमार चयनित अभ्यर्थी पंचायत मझुआ पूरब द्वारा जो भी प्रमाण पत्र दिया गया वह परिवादी के प्रमाण पत्र से मेल खाता है तथा सीटेट के प्रमाण पत्र में चयनित अभ्यर्थी द्वारा परिवादी के फोटो के स्थान पर जालसाजी कर अपना ़फोटो अपलोड कर दिया गया है। साथ ही आवास प्रमाण पत्र में नीतीश कुमार पिता इंद्रभूषण सिंह माता रेखा देवी पति रमेश कुमार मंडल अंकित है। जो अपने आप मे संदेह उत्पन्न करता है। फोल्डर में संलग्न आधार, राशनकार्ड से लिक है। उसमें आवेदक का नाम रमेश मंडल के रूप में ज्ञात होता है। अत: स्पष्ट है कि नीतीश कुमार द्वारा मझुआ पूरब पंचायत प्रखंड रानीगंज में भी आवेदन दिया गया था। इसके प्रमाणपत्रों की जालसाजी कर के रमेश मंडल द्वारा कथित नीतीश कुमार बनकर फर्जी तरीके से नियोजन करा लिया गया। जबकि नीतीश कुमार ने आवेदन में इस बात का उल्लेख किया है कि मैं दिनांक 12 जुलाई 2021 को पिपरा पंचायत प्रखंड बनमनखी जिला पूर्णिया में नियोजन करा चुका हूं। स्पष्ट है कि ऐसी जालसाजी नियोजन इकाई के कर्मी के संलिप्तता के बगैर सम्भव नहीं है। इसीलिए उक्त फर्जी रूप से चयनित अभ्यर्थी रमेश मंडल तथा कथित नीतीश कुमार एवं नियोजन में संलिप्त नियोजन इकाई सदस्य, सचिव, अध्यक्ष को चिन्हित करते हुए थाना में केस दर्ज कर सूचित करें। डीपीओ के निर्देशानुसार बीईओ ने रानीगंज थाना में केस दर्ज करा दिया है। वहीं मझुआ पूरब पंचायत के शिक्षक नियोजन में हुई अनियमितता की खबर दैनिक जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। देर से ही सही लेकिन पोल खुलने लगी है। वहीं रानीगंज थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि डीपीओ के निर्देशानुसार बीईओ रानीगंज ने रानीगंज थाना में आवेदन देकर केस दर्ज कराया है। छानबीन की जा रही है।

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