अररिया। रानीगंज पुलिस व सीओ बरबन्ना पंचायत के कोसी भिट्ठा में दफनाए गए सहदेव मुखिया के शव को निकालने में असफल रहे। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बावजूद शव को नहीं निकाला जा सका। 30 जून को रानीगंज के बरबन्ना पंचायत निवासी सहदेव मुखिया को जबरदस्ती तेजाब पिलाने का वाद दायर करने के मामले में यह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार शुक्ला के आदेश पर यह कार्रवाई शुरू हुई। रानीगंज थानाध्यक्ष ¨कग कुंदन ने बताया कि काफी प्रयास के बाद शव को नहीं निकाला जा सका। प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कल शव को निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटना के विषय में उन्होंने बताया कि 30 जून को सहदेव मुखिया संबंधी के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए बसमतिया थाना क्षेत्र के बेला गांव गए हुए थे। वहीं से वे अपनी ससुराल बीरपुर चले गए । उसी दिन सुशील मुखिया के मोबाइल पर बसमतिया निवासी दानी मुखिया ने बताया कि उनके पिता की हालत खराब है। जब बसमतिया पहुंचे तो पिता की हालत खराब देखकर इलाज के लिए पूर्णियां लेकर चले गए। डॉक्टरों ने जबाव दे दिया। इस मामले में आठ लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिनपर जबरदस्ती तेजाब पिलाने का आरोप लगाया गया है। नामजद आरोपियों में चार बसमतिया थाना क्षेत्र के बेला गांव का हैं, जबकि चार रानीगंज के बरबन्ना पंचायत के है। आवेदन में पूर्व से दुश्मनी की बात कही गई है। नामजद आरोपियों में नरपतगंज के बेला गांव के निवासी धनी लाल मुखिया, रधिया देवी, सूर्यनारायण मुखिया, बोधि देवी, व रानीगंज बरबन्ना के नागो मुखिया, धीरेन मुखिया, घोलटू मुखिया, संध्या देवी शामिल हैं। आरोपियों ने धमकी दी थी कि तुम्हारे पिता को तेजाब पिलाकर मार देंगे।

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