-ब्लर्ब: बकरा अग्रेंजों के जमाने में बने पुल के तट को लील चुकी है, उसकी जगह पांच वर्ष पहले दूसरा पुल बना है, प्रधानमंत्री सड़क भी। यह सड़क वार्ड 10 में तालाब में तब्दील है, वहीं प्रधानमंत्री के किनारे बोल्डर नहीं बिछाया गया तो भोजपुर ग्राम पंचायत और पलासी प्रखंड मुख्यालय का संपर्क अगली बाढ़ में भंग हो जाएगा। दुर्केश सिंह

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जागरण संवाददाता अररिया: भोजपुर गांव है। जहां सात हजार से अधिक मतदाता हैं। यहां के लोग लगभग 30 किमी चलकर प्रखंड मुख्यालय अररिया पहुंचते हैं। गांव से सदर प्रखंड तक तीन वर्ष के अंदर परमान नदी पर पुल बन जाने से दूरी लगभग पांच किमी कम हो गई है लेकिन रास्ते में कई स्थानों पर सड़क जलमग्न है। आरडब्ल्ल्डी की रोड पर स्थित मदनपुर इलाके की सबसे बड़ी हाट हैं। यहां से वाया भोजपुर होते हुए 90 करोड़ की लागत से सात मीटर चौड़ी सड़क बन रही है। लेकिन बाजार में भोजपुर गांव की तरफ जाने वाली सड़क पर मुड़ते ही तालाब व कीचड़ में तब्दील सड़क मिलती है। इसी सड़क से प्रतिदिन लगभग 700 बच्चे मध्य विद्यालय मदनपुर में पढ़ने जाते हैं। प्रधानाध्यापक कुमारी सीमा बताती हैं कि यह हालात तो बारिश होने के 24 घंटे बाद की है। स्कूल में मतदान केंद्र भी है। मतदाओं की सुविधा के लिए 10 शौचालय बनाए गए हैं। तीन चापाकल भी गाड़े गए हैं। यहां से लगभग दो सौ मीटर कीचडमय सड़क के बाद बीड़ी पुल की तरफ जाने वाली स़ड़क मिलती है। पथ निर्माण विभाग का कार्य इस स़ड़क पर चल रहा है। सड़क लगभग सात मीटर चौड़ी है। बीडी पुल से भोजपुर की तरफ मुड़ते ही भोजपुर दर्जनों लोग चाय की दुकान पर बैठे हैं। ये लोग बताते हैं कि यह इलाका परमान और बकरा नदी के बीच स्थित हैं। एक दशक से पटेगना में प्रखंड बनाने की मांग लंबित है। पटेगना अस्पताल में केवल सप्ताह में डॉक्टर बैठ रहे हैं। इस पंचायत के वार्ड 10 में बकरा नदी न जाने से कब से बह रही है। वह अग्रेंजों के जमाने में बने पुल के तट को लील चुकी है। उसके स्थान पर दूसरा पुल पांच वर्ष पहले बना है। प्रधानमंत्री सड़क भी बनी है। यह सड़क वार्ड 10 में तालाब में तब्दील है। प्रधानमंत्री के किनारे बोल्डर नहीं बिछाया गया तो भोजपुर ग्राम पंचायत और पलासी प्रखंड मुख्यालय का संपर्क अगली बाढ़ में भंग हो जाएगा।

-कोट---

परमान और बकरा नदी के बीच में अररिया प्रखंड क्षेत्र के 60 हजार से अधिक मतदाता निवासी करते हैं। इन सबकी मांग है कि ताराबाड़ी थाना मुख्यालय में अग्निशमन दल की व्यवस्था हो। तीन ओपी भी है जहां एक-एक एंबुलेंस होना चाहिए। पटेगना को प्रखंड मुख्यालय बनाया जाए। यहा पीएचसी चाहिए।

-आकाश राज, जिला परिषद सदस्य क्षेत्र संख्या 17।

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बकरा नदी के तट पर कटावनिरोधी कार्य होना चाहिए। लोकसभा चुनाव 2014 के पहले प्रत्येक परिवार के सिर पर छत होना चाहिए। प्रत्येक टोले तक सड़क और घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचना चाहिए। भोजपुर पंचायत के लोगों की यही मांग है।

हर्षवर्धन नारायण सिंह, मुखिया भोजपुर।

Posted By: Jagran