जागरण संवाददाता, अररिया: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती रविवार को शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मनाई गई। इस अवसर पर लोगों ने उनके जीवनी पर विस्तृत रूप से चर्चा की। अररिया में मुख्य कार्यक्रम सुभाष चौक पर नेताजी की प्रतिमा पर डीएम प्रशांत कुमार सीएच ने माल्यापर्ण कर उन्हें नमन किया। शिवपुरी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व मोहिनी देवी अररिया आरएस सहित विभिन्न जगहों पर नेताजी की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने कहा देश की आजादी के लिए नेताजी ने जो त्याग और संघर्ष किया आज युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

शहर में मुख्य समारोह सुभाष चौक पर नगर परिषद के सौजन्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नेता जी सुभाष चंद्र बोस के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित की गई। जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच, नगर परिषद के मुख्य पार्षद रितेश कुमार राय, सहित वार्ड पार्षद व नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी व शहर के गणमान्य लोग मौजूद थे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार शारीरिक दूरी का पालन करते हुए जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र, वार्ड पार्षद अरूण मिश्र, लवली नवाब, किरण देवी, अफसाना प्रवीण, सुमित कुमार, वार्ड पार्षद, प्रतिनिधि अविनाश आनंद, विजय जैन, बबलू मीर, कार्यपालक पदाधिकारी दीनानाथ सिंह सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद थे। वहीं शिवपुरी स्थित परिषद कार्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई अररिया द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र जी की जयंती को कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाया गया। उद्घाटन परिषद के पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रमुख प्रोफेसर एमपी सिंह ने नेताजी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

समारोह को संबोधित करते हुए एमपी सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस देश के ऐसे महानायकों में एक हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनके संघर्षों तथा देश सेवा के जज्बे के कारण ही महात्मा गांधी ने उन्हें ''देशभक्तों का देशभक्त'' कहा था। नेताजी ने आजाद हिद फौज का गठन किया और युवाओं को'' तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा'' का नारा भी दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए परिषद के नगर मंत्री अजीत रंजन ने कहा कि नेता जी ने देश की आजादी के लिए जो त्याग और संघर्ष किया वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि अभी भी समाज के लिए बहुत कुछ करना है इसके लिए आगे आने की जरूरत है।

समारोह में प्रीति पायल, आशीष झा, मनीष कुमार विश्वास, प्रिस यादव, अंकित कुमार यादव, अरुण कुमार, शिवम झा, अंकित कुमार झा, राहुल आर्यन, अंकित सिन्हा, सागर झा, गोविद कुमार मंडल सहित दर्जनों परिषद सदस्य शामिल थे।

वहीं मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल अररिया आर एस के प्रांगण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सर्वप्रथम एडीएम अररिया अनिल कुमार ठाकुर ने नेताजी के चित्र पर फूलमाला अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर मोहनी देवी मेमोरियल स्कूल के निदेशक संजय प्रधान के अलावा अन्य कर्मी व गणमान्य लोग उपस्थित थे। एडीएम अररिया ने नेताजी के जीवन आदर्श से प्रेरणा लेने की बात कही तथा भारत की आजादी में उनके महत्वपूर्ण योगदान की भी चर्चा की ।इस अवसर पर निदेशक संजय प्रधान ने नेताजी के जीवन आदर्श पर प्रकाश डाला और उन्होंने बताया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे व स्वामी जी, राम कृष्णदेव के पथ पर चलकर आजाद हिद फौज का गठन किया जो आजादी के समय मील का पत्थर साबित हुआ ।इस अवसर पर पूर्व उप मुख्य पार्षद गौतम शाह ने भी अपने विचार प्रकट किए ।इस अवसर पर प्रशासनिक प्रभारी अभिनंदन नौटियाल, शिक्षक- मिर्णाल प्रधान, नीरज ठाकुर, राजेश गुप्ता, अंकित कुमार, मनीष शंकर के अलावे गैर शैक्षणिक कर्मी सुमन मेहता, राकेश, रेखा ,लीला, बबलू आदि उपस्थित थे। आज का कार्यक्रम सरकार के दिए हुए कोरोना गाइडलाइन को पालन करते हुए सादगी के रूप में मनाया गया।

फारबिसगंज : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पं. रामदेनी तिवारी द्विजदेनी क्लब के द्वारा हर्षोल्लास से मनाया गया। पूर्व प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र प्रसाद मण्डल की अध्यक्षता में जयंती कार्यक्रम स्थानीय प्रोफेसर कालोनी में आयोजित की गई।

अतिथियों एवं स्कूली बच्चों द्वारा नेताजी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पण के बाद हिन्दी सेवी अरविन्द ठाकुर ने कहा कि महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी नेताजी का जन्म उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को हुआ था। सन् 1919 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वे आईसीएस की परीक्षा में भाग लेने के लिए इंगलैंड गए और परीक्षा में उत्तीर्ण होने के साथ चौथा स्थान भी प्राप्त किया। जबकि 1921 में इन्होंने अंग्रेजों की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। वहीं प्रो. सुधीर झा सागर ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद नेताजी महात्मा गांधी के सम्पर्क में आए और कांग्रेस में शामिल हुए। बाद में वे चित्तरंजन दास के सम्पर्क में आए जिन्हें वे अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। कहा 1938 में वे कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। परंतु गांधीजी से मतभेद के कारण उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया। संस्था के सचिव विनोद कुमार तिवारी ने नेताजी के बारे में बताया कि 1942 में इन्होंने आजाद हिन्द फौज की स्थापना की और अस्थाई स्वतंत्र सरकार की स्थापना कर आजादी प्राप्त करने के संकल्प को साकार किया। शिक्षक युगल किशोर पोद्दार ने बताया, कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा यह उनका प्रसिद्ध नारा था। जय हिन्दू जैसे नारों से वे देश के लाखों क्रांतिकारियों के दिलों की धड़कन बने। अंत में सभाध्यक्ष श्री मंडल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आज के दिन को पराक्रम दिवस मनाने का ऐलान किया गया है, जो काफी प्रशंसनीय है।

इस अवसर पर प्रेम लाल पाठक, मृत्युंजय तिवारी, मनीष राज सहित अनेक स्कूली बच्चे उपस्थित थे। संसू भरगामा के अनुसार भरगामा प्रखंड स्थित रेणु साहित्य मंच पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। समारोह की अध्यक्षता अजय अकेला ने की। कार्यक्रम का आगाज नेताजी के तैल्य चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। अध्यक्षता अजय अकेला ने की। मौके पर पूर्व जिला पार्षद सत्य नारायण यादव, अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह, समारोह में रेणु कोचिग सेंटर के छात्रों के अलावे नागेश्वर कमल,शशिकांत मिश्र, रमेश भारती ,संत भुवनेश्वर दास, सदानंद दास ,दिनेश यादव, प्रधानाचार्य विद्यानंद यादव, पृथ्वी चंद्र मंडल ,उपेंद्र मेहता सयानंद पासवान, ललन पासवान, कमलेश्वरी साह, अर्जुन मेहता, योगेंद्र मेहता, और ग्रामीण परिवेश के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लेकर नेताजी को अपनी श्रद्धांजलि दी। जोगबनी : जोगबनी के नेता चौक स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती रविवार को मनायी गई।इस मौके पर नगरवासियों ने उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए125 वीं जयंती मनाई। मौके पर कार्यक्रम के संयोजक निमाय भौमिक ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत थे उनके विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।मौके पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री भानूप्रकाश राय ने कहा कि नेताजी अखंड हिन्दू स्वराज की स्थापना के नायक थे। मौके परमाल्यार्पण करने वालों में डा.सैकत तरफदार, नरेश सिंहा, मांगीलाल शर्मा,संजीव दास, अनवर राज,राजेश पूर्वे,रामसेवक मिस्त्री, नरेश प्रसाद, प्रकाश पासवान,प्रकाश चन्द्र विश्वास सहित दर्जन भर नगरवासी शामिल थे

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