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अररिया में फर्जी ITR से करोड़ों का लोन, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 46 पर दर्ज कराया केस

Published: Sat, 25 Jul 2026 03:00 AM (IST)

बैंक ऑफ बड़ौदा की हांसा शाखा में फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) और अन्य जाली दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के ऋण लेने का बड़ा खुलासा हुआ है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. बैंक ऑफ बड़ौदा में करोड़ों के फर्जी लोन का खुलासा।

  2. 46 ऋणधारकों पर धोखाधड़ी, जालसाजी का मामला दर्ज।

  3. पुलिस ने जांच शुरू की, गिरोह की भूमिका की तलाश।

संवाद सूत्र, रानीगंज (अररिया)। बैंक फ बड़ौदा की हांसा शाखा से फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) एवं अन्य कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का ऋण लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

बैंक की ओर से रानीगंज थाना में आवेदन देकर 46 ऋणधारकों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बैंक द्वारा थाना को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि संबंधित सभी लोग बैंक के ऋणधारक हैं। बैंक की आंतरिक जांच एवं दस्तावेजों के सत्यापन (ड्यू डिलिजेंस) के दौरान यह पाया गया कि ऋण स्वीकृति के समय जमा किए गए आयकर रिटर्न (आईटीआर) का विवरण आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।

प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत हुआ कि बैंक से ऋण प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी एवं कूटरचित आईटीआर के साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कर बैंक में प्रस्तुत किए गए थे।

बैंक का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण प्राप्त करना बैंक के साथ गंभीर धोखाधड़ी है, जिससे बैंक को करोड़ों रुपये का वित्तीय जोखिम उत्पन्न हुआ है।

इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

थानाध्यक्ष ने कही यह बात

रानीगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक आफ बड़ौदा हांसा शाखा के आवेदन के आधार पर 46 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी गिरोह, एजेंट अथवा अन्य व्यक्तियों की भूमिका रही है या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच विभिन्न पहलुओं पर की जा रही है।

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