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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नशा मुक्ति संगठन बनाकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए जागरूक कर रहा कृष्ण

By JagranEdited By:
Published: Sun, 30 May 2021 09:39 PM (IST)

अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर विशेष ।- फारबिसगंज के परवाहा निवासी युवक ने संगठन बना

नशा मुक्ति संगठन बनाकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए जागरूक कर रहा कृष्ण
नशा मुक्ति संगठन बनाकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए जागरूक कर रहा कृष्ण

अंतरराष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर विशेष

।- फारबिसगंज के परवाहा निवासी युवक ने संगठन बनाकर दर्जनों युवक को अभियान से जोड़ा।

- अभियान से जुड़े युवक इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों को नशा मुक्ति के लिए कर रहे हैं प्रेरित।

- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर प्राणिविज्ञान का छात्र है कृष्ण कुमार यादव।

फोटो नंबर 30 एआरआर 25

पुरुषोत्तम भगत, फारबिसगंज (अररिया): कहते हैं कि अगर समाज और देश के लिए कुछ करने की जज्बा हो तो इसके लिए उम्र मायने नहीं रखती है। कर गुजरने की तमन्ना होनी चाहिए बाकी खुद-ब-खुद रास्ते बनते जाते हैं। फारबिसगंज के परवाहा जैसे छोटे गांव में ऐसा ही एक युवक कृष्ण कुमार यादव है जिसने महज 25 वर्ष की उम्र में ही समाज के युवकों को नशा मुक्त करने का अभियान चलाया है। कृष्ण के इस बुलंद हौसले का परिणाम है कि महज एक साल में ही उसके साथ सैकड़ों युवको का कारवां खड़ा हो गया है जो समाज में लोगों को नशा नहीं करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। युवक ने श्री कृष्ण नशा मुक्ति संगठन बनाया है और इसमें लगभग एक सौ से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं। कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि वह इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर प्राणिविज्ञान का छात्र है। पढ़ाई के दौरान जब भी वह घर आता था तो यहां के माहौल खासकर मजदूर वर्गों में जिसमें यह देखता था कि अगर वह रोजाना के 200 रुपया दिहाड़ी कमाते हैं तो उसमें ज्यादातर नशा में खत्म कर देते हैं। जिसके कारण उनके परिवार बच्चों का पढ़ाई लिखाई सब खत्म हो जाता है। साथी कई युवा वर्ग भी नशे के आदी हो कर अपना केरियर भी खत्म कर रहे हैं। समाज के इस माहौल को देखकर उसने कुछ करने की सोची और एक साल पहले श्री कृष्ण नशा मुक्ति संगठन बनाया। संगठन बने हुए तो ज्यादा दिन नहीं हुए लेकिन इसमें युवाओं का जुड़ाव बढ़ता गया और एक सौ से ज्यादा अब तक उसके सदस्य बन चुके हैं, उनके और सदस्य के माध्यम से कई युवाओं को नशा मुक्ति का शपथ दिलाया गया और उन्हें भी सदस्य बनाया गया है। साथ ही लोगों को नशा नहीं करने के लिए उनका संगठन जागरूक भी कर रहा है।

इनसेट

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सदस्य को 10 लोगों को साथ जोड़ने के साथ नशा नहीं करने का देना होता है शपथ पत्र -

संगठन के संस्थापक कृष्ण यादव ने बताया कि उनके संगठन का सदस्य बनने से पूर्व अपने साथ 10 लोगों को जोड़ने के अलावा किसी भी प्रकार के नशा का सेवन नहीं करने का शपथ पत्र देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य पिछड़े इलाके में पहुंचकर नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करना, नशा जैसे लत को समाज से जड़ से खत्म करना आदि है। इसके लिए विभिन्न मुहल्ले, विद्यालय में जा जाकर प्रचार अभियान चलाया जाता है। हालांकि कोरोना महामारी में लॉकडाउन दौरान यह संभव नहीं है लेकिन फिर भी वर्चुअल माध्यम से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उनका संगठन और संगठन के सदस्य लोगों को नशा मुक्ति के लिए जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक कोढ़ के समान है। बिहार में शराबबंदी के बाद हालात तो कुछ सुधरे हैं, लेकिन इसके अलावा भी तंबाकू, ध्रूमपान आदि का नशा लोगों के लिए दिन प्रतिदिन खतरा बनता जा रहा है। युवा वर्ग में यह लत सबसे ज्यादा है जिसको लेकर वह काम कर रहे है।