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भू-माफिया की कर्मियों से मिलीभगत, 5 लाख में बदले पुराने दस्तावेज; पुलिस ने एक को पकड़ा

Published: Fri, 09 Jan 2026 10:43 AM (IST)

अररिया में मूल भूमि अभिलेखों को गायब कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के गंभीर मामले में पुलिस ने एक आरोपी ...और पढ़ें

5 लाख में बदले पुराने दस्तावेज

5 लाख में बदले पुराने दस्तावेज

HighLights

  1. मूल भूमि अभिलेखों में हेरफेर के आरोप में गिरफ्तारी।

  2. रजिस्ट्री कार्यालय के एमटीएस कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर।

  3. फर्जीवाड़े में पांच लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा।

संवाद सूत्र, अररिया। जिला निबंधन कार्यालय से जुड़े मूल अभिलेखों काे गायब कर फर्जी अभिलेख तैयार करने के गंभीर मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अररिया नगर थाना में जिला निबंधन कार्यालय के अभिलेखपाल मो शफी अनवर के आवेदन पर 15 दिसंबर को मामला दर्ज किया गया था। 

जिसमें निबंधन कार्यालय के दो एमटीएस सहित दस लोगोंं को नामजद आरोपित बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। 

अनुसंधान के बाद छापामारी दल द्वारा प्राथमिकी के नामजद अभियुक्त जोकीहाट थाना क्षेत्र के तुरकैली, वार्ड नंबर 11 निवासी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू (21) को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को पहले से ही था संदेह 

इस संबंध में एसपी अंजनी कुमार ने प्रेस वार्ता कर बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत कर्मियों की मिलीभगत से मूल अभिलेखों में हेरफेर की गई थी। पुलिस को पहले से ही संदेह था कि कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना इस तरह की गड़बड़ी संभव नहीं है। 

नगर थाना में अभिलेखपाल की ओर से अभिलेखागार के अभिलेख सं०-10272 जिल्द सं0-65, वर्ष, 1960 (अररिया) में छेड़छाड़ किए जाने के संबंध में एक आवेदन दिया गया गया। अनुसंधान के क्रम में केवाला नंबर-10272 में तीन व्यक्तियों का नाम अंकित था। 

कर्मियों की मिलीभगत से मूल कागजात बदले

प्राथमिकी अभियुक्त सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू एवं अन्य द्वारा जिला निबंधन कार्यालय के कर्मी के साथ मिलकर कूटकृत कर अभिलेख संख्या 10272 जिल्द सं0-65, पृष्ठ सं०-344 से 346 वर्ष 1960 को बदल दिये जाने का मामला सही पाया गया।

पूछताछ में सनाउल्लाह ने स्वीकार किया कि रजिस्ट्री आफिस में एमटीएस के रूप में कार्यरत रोहित रंजन एवं अन्य कर्मियों की मिलीभगत से मूल कागजात बदले गए। मूल दस्तावेजों में जहां तीन लोगों का नाम दर्ज थे, वहीं दो लोगों का नाम हटाकर केवल अपने परिवार का नाम रखा गया, ताकि जमीन पूरी तरह उनके नाम हो सके।

खरीददार और विक्रेता के नामों में हेरफेर

एसपी ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी अररिया थाना क्षेत्र में सामने आ चुकी हैं। सभी मामलों का पैटर्न एक जैसा है। रजिस्ट्री नंबर वही रहता है, लेकिन मूल दस्तावेज बदल दिए जाते हैं। खरीददार और विक्रेता के नामों में हेरफेर की जाती है। 

इस पूरे खेल में रजिस्ट्री ऑफिस में कार्यरत एमटीएस को करीब पांच लाख रुपए दिए जाने की बात सामने आई है। केस दर्ज कराने वाले वादी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

इस कूटकृत में शामिल जिला निबंधन कार्यालय के कर्मी एवं गिरफ्तार अभियुक्त सनाउल्लाह शेख के अन्य सहयोगियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस छापेमारी दल में नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक और अपर थानाध्यक्ष संजीव कुमार शामिल थे।