अररिया-गलगलिया रेल लाइन पर एक ही सवारी ट्रेन से यात्री परेशान, दूसरी की मांग तेज
अररिया-गलगलिया रेल लाइन पर केवल एक सवारी ट्रेन चलने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। लोग दूसरी ट्रेन चलाने या ठहराव अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

अररिया–गलगलिया रेल लाइन लगी भीड़।
HighLights
अररिया-गलगलिया रेल लाइन पर केवल एक ट्रेन का संचालन।
यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों को समय और यात्रा में असुविधा।
रेलवे से दूसरी ट्रेन या ठहराव बढ़ाने की मांग।
बिनोद कुमार झा, सिकटी (अररिया)। अररिया–गलगलिया रेल लाइन के चालू होने के करीब छह महीने बाद भी इस रूट पर केवल एक ही सवारी ट्रेन का संचालन हो रहा है, जिससे स्थानीय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीमित ट्रेन सेवा के कारण दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के सामने समय की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि एकमात्र ट्रेन होने के कारण यात्रा के लिए कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
गाड़ी छूटने पर होती है परेशानी
यदि किसी कारणवश ट्रेन छूट जाए या उसका समय अनुकूल न हो, तो यात्रियों को अपना कार्यक्रम बदलना पड़ता है।कटिहार सिलीगुड़ी सवारी गाड़ी सं 15701अप सुबह पांच बजे कटिहार से चलकर पूर्णिया, अररिया कोर्ट से नये रुट पर चलकर करीब पौने दस बजे सिलीगुड़ी पहुंचती है।
फिर तीन घंटे के विश्राम के बाद पौने एक बजे गाड़ी सं 15702 डाउन सिलीगुड़ी से छुटती है। जिस कारण महज तीन घंटे के ठहराव मे लोग चिकित्सा एवं व्यापार के काम का निपटारा नहीं कर पाते हैं। जिस कारण उसे रात गुजारने की मजबूरी होती है।
फिर अगली सुबह भी कोई गाड़ी नहीं है। जिसके कारण लोग एक ही डाउन सवारी गाड़ी से लौटने की मजबूरी होती है। इस चक्कर में लोगों को अलग से खर्च हो जाता है।
अगर शाम के समय एक वापसी गाड़ी इस रुट पर चलती तो लोग सारा काम कर उसी दिन लौट सकते है या फिर उसी ट्रेन का ठहराव की अवधि बढाकर उसे पांच बजे शाम डाउन गाड़ी बना देने पर लोगों को सुविधा मिल सकती है।
स्टूडेंट्स को होती है परेशानी
ऐसा नही किए जाने के कारण कई बार जरूरी काम होने के बावजूद लोगों को यात्रा स्थगित करनी पड़ती है। खासकर छात्रों और कामकाजी लोगों को रोजाना आने-जाने में कठिनाई झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें बस, ऑटो या अन्य निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जो न केवल महंगा साबित होता है बल्कि समय भी अधिक लेता है। इससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है और आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
लोगों का मानना है कि जब नई रेल लाइन शुरू की गई थी, तब उनसे बेहतर सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान स्थिति उम्मीदों के विपरीत है।स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस रूट पर कम से कम एक और सवारी ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया जाए।
जो सिलीगुड़ी से सुबह अप चलकर शाम को डाउन में वापस चलाने से यात्रियों को काफी सहुलियत मिलेगी या फिर जोगबनी सिलीगुड़ी इंटरसिटी का इस रुट पर परिचालन करने से नेपाल सहित पश्चिमी बिहार का जुड़ाव सिलीगुड़ी से हो जाएगा, जो चिकित्सा, व्यापार तथा पर्यटन के क्षेत्र मे लोगों को सहुलियत प्रदान करेगा।
लोगों का कहना है कि दूसरी ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को समय के अनुसार यात्रा करने की सुविधा मिलेगी और भीड़ का दबाव भी कम होगा।
जानकारों का मानना है कि यदि इस रेल लाइन पर ट्रेन सेवाओं का विस्तार किया जाए, तो इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की इस मांग पर कब तक ध्यान देता है।
