अररिया [जेएनएन]। लोकसभा उपचुनाव में जीत के बाद विजयी जुलूस में पाकिस्तान समर्थित नारे लगाए जाने को ले विवादों से घिरे अररिया के राजद सांसद सरफराज आलम फिर एक नए विवाद से घिर गए हैं। ताजा मामला सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. जेएन माथुर को धमकी देने का है। राजद सांसद की धमकी से आहत डीएस डॉ. जेएन माथुर ने पद से त्यागपत्र दे दिया।

सरफराज आलम सीमांचल के कद्दावर नेता रहे मो. तस्‍लीमुद्दीन के बेटे हैं। तस्‍लीमुद्दीन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खास रहे। अब उनके बेटे सरफराज को भी पार्टी सुप्रीमो का करीबी माना जाता है।

सिविल सर्जन एनके ओझा को सौंपे त्यागपत्र में डॉ. माथुर ने कहा है कि मोबाइल से फोन कर सांसद ने उन पर कई आक्षेप लगाए। अमर्यादित लहजे में सांसद ने पद से हटवा देने की धमकी दी। इसके बाद पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है। इसलिए डीएस ने प्रभारी पद से त्यागपत्र दे दिया।

डॉ. माथुर का कहना है कि अब वे अवकाश पर जाने का विचार कर रहे हैं। त्यागपत्र स्वीकार करना या नहीं करना सिविल सर्जन के अधिकार क्षेत्र में है। वहीं, सिविल सर्जन नवल किशोर ओझा ने कहा कि त्यागपत्र के विषय में कोई जानकारी नहीं है। वे पटना जा रहे हैं। पटना से लौटने के बाद पूरे मामले पर विचार किया जाएगा। इस संबंध में डीएम से भी बातचीत करेंगे।

इधर इस संबंध में सांसद सरफराज आलम ने कहा कि सारे आरोप निराधार हैं। अस्पताल उपाधीक्षक से तो मेरी बात भी नहीं हुई। सदर अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की अनियमितता को लेकर सिविल सर्जन से बात हुई थी। अस्पताल में न तो महिला चिकित्सक है, न दवाई, न सफाई। जनप्रतिनिधि होने के नाते इस ओर ध्यान दिलाना हमारा कर्तव्य है। ऐसे में आरोप लगाना नाइंसाफी है।

इस प्रकरण पर जिलाधिकारी हिमांशु शर्मा ने कहा कि प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. जेएन माथुर ने त्यागपत्र दिया है लेकिन वे अपने पद पर बने रहेंगे। त्यागपत्र में जो जानकारी दी गई है उसे संज्ञान में लेकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। 

Posted By: Amit Alok

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