संसू सिकटी, (अररिया): सिकटी प्रखंड के सैदाबाद और सोनापुर में दो जगह इंडो-नेपाल बार्डर रोड का कार्य अवरुद्ध है। जिसके कारण प्रतिदिन आवागमन के लिए हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसी को लेकर सिकटी गांव निवासी वसीम अनवर रेजा सहित सैदाबाद और सोनापुर के सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षर युक्त आवेदन डीएम अररिया को देकर अवरुद्ध इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड को शुरू कराने की मांग की है। आवेदन में ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए लिखा है कि सैदाबाद और सोनापुर वार्ड नंबर आठ और नौ के ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। आवागमन हेतु उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जब यहां के ग्रामीण बीमार पड़ते हैं तो सड़क नहीं होने के कारण पीएचसी सिकटी नहीं पहुंच पाते और उधर से डाक्टर भी गांव तक नहीं आना चाहते। आवेदन में लिखा है कि इस समस्या से दहगामा पंचायत के मुखिया को भी कहा गया व लिखित आवेदन भी दिया गया लेकिन तत्काल आवागमन की व्यवस्था बहाल नहीं की जा सकी।

---पिछले साल भट्टा मालिक ने गिराया था ईंट के टुकड़े----यहां के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल ईंट भट्टा मालिक वसीम अनवर रेजा ने ईंट के टुकड़े डालकर सड़क को चलने लायक बनाया था ताकि लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिल सके। ईंट भट्टा मालिक रेजा ने बताया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए पिछले साल भी सैदाबाद से सोनापुर तक करीब साठ हजा़र का ईंट का टुकड़ा डालकर सड़क को चलने लायक बनाया था। वहीं सैदाबाद मे पानी निकासी दो होम पाइप भी लगाया गया। फिर इस बार भी स्थिति उसी तरह हो गई है। सड़क की बदहाल अवस्था को देखकर इस बार भी लगभग 35 टेलर ईंट का टुकड़ा सड़कों पर बिछाया गया है। उन्होंने बताया कि सीमा सड़क को चालू कराने को लेकर जिलाधिकारी को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया है। जानकारी के अनुसार भूमि मुआवजा की राशि का कार्य सिकटी प्रखंड मे पूर्ण हो चुका है। सोनापुर मे भी जमीन मुआवजा की राशि के साथ घर मुआवजा की राशि भी रैयतों को दी जा चुकी है।