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80 लीटर गंगाजल लेकर 200 किमी का सफर, अररिया के अमर बम की अद्भुत कांवड़ यात्रा; पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड 

Published: Fri, 21 Aug 2026 01:37 PM (IST)

अररिया के अमर कुमार मंडल (अमर बम) 80 लीटर गंगाजल और 105 किलो वजन लेकर सुल्तानगंज से 200 किमी से अधिक की दूरी तय कर सुंदरनाथ धाम जा रहे हैं।

उमेश मंडल। फाइल फोटो

उमेश मंडल। फाइल फोटो

HighLights

  1. अमर बम 80 लीटर गंगाजल, 105 किलो वजन लेकर यात्रा पर।

  2. सुल्तानगंज से 200 किमी से अधिक सुंदरनाथ धाम तक की दूरी।

  3. अटारी बॉर्डर की मन्नत पूरी होने पर बाबा सुंदरनाथ को जलार्पण।

संवाद सूत्र, ताराबाड़ी/कुर्साकांट (अररिया)। संकल्प, श्रद्धा व दृढ़ निश्चय के बदौलत इंसान हर असंभव कार्य को संभव कर सकते हैं। आस्था के आगे 200 किमी से अधिक की दूरी 105 किलो भार भी मानों फूलों का हार हो गया हो।

यह कहानी है अररिया जिले के पलासी प्रखंड के मियांपुर पंचायत के अमगाछी गांव निवासी उमेश मंडल के लाल 21 वर्षीय अमर कुमार मंडल (अमर बम) का।

संकल्प व दृढ़ निश्चय के बल पर अमर पिछले 26 जुलाई को भागलपुर के सुल्तानगंज घाट से छह बड़े कलश में 80 लीटर गंगाजल भरकर अररिया जिले के कुर्साकांटा में सुंदरनाथ धाम में अंतिम सोमवारी पर जलार्पण करेंगे। अमर बम इन दिनों श्रद्धा व आस्था का मिसाल बना है।

गाजे-बाजे व युवा टीम के साथ हर हर महादेव, बोल बम का नारा लगाते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं। सुंदर स्टील के वजनदार कलश जिसका वजन 25 किलो के करीब होगा अर्थात आस्था के बलबूते लगभग 105 किलो वजन लेकर अपने संकल्प के बल पर लक्ष्य को पाने आगे बढ़ते जा रहे हैं।

देखने के लिए आ रही भीड़

यात्रा के क्रम में गुरुवार को अररिया प्रखंड के सोनपुर चौक स्थित हनुमान मंदिर में विश्राम किए। इससे पहले रविवार को मां खड़गेश्वरी काली मंदिर अररिया में मां खड़गेश्वरी, बाबा खड़गेश्वरनाथ तथा नानू बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर सोमवार को रामपुर, मंगलवार को सार्वजनिक दुर्गा मंदिर पटेगना, बुधवार को शिव पार्वती मंदिर ताराबाड़ी एवं गुरुवार को सोनापुर में रात्रि विश्राम हुआ।

अमर बम को देखने दूर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिला श्रद्धालु भी उसकी भक्ति, साहस और धैर्य को देखने आ रही हैं।

अटारी बार्डर पर पहुंचने के लिए बाबा सुंदरनाथ से मांगी थी मन्नत

श्रद्धा आस्था के प्रतिमूर्ति अमर बम ने बताया कि अगस्त 2024 में अररिया से 2100 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय करते हुए उन्होंने भारत पाकिस्तान के अटारी बार्डर तक का सफर 31 दिनों में ही पूरा कर रिकॉर्ड बनाया था। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए बाबा सुंदरनाथ से मन्नत मांगी थी।

संकल्प पूरा होने पर कठोर तपस्या करते हुए बाबा सुंदरनाथ के शिवलिंग पर सोमवार को जलार्पण करेंगे। अमर ने बताया कि अटारी बार्डर का संकल्प 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस के परेड के साथ पूर्ण हुआ, तो अब बाबा सुंदरनाथ धाम शिव मंदिर आगामी 24 अगस्त 2026 को पहुंच कर जलाभिषेक करेंगे।

इधर, अमर के कष्ट साध्य साधना जिसे सनातन में हठ योग भक्ति भी कहा जाता है को लेकर चर्चा जोरों पर रही। उन्होंने छह कलश को लेकर बताया कि इनमें दो कलश माता पिता के नाम है तो दो कलश बाबा सुंदरनाथ के नाम और दो कलश अभिन्न मित्रों के नाम से संकल्पित है।

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