अररिया, जेएनएन। बिहार में कोरोना वायरस को लेकर जारी लॉकडाउन को लेकर एक तरफ काफी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से लॉकडाउन को सफल बनाने में जुटे हैं तो वहीं अररिया जिले से आई एक तस्वीर पुलिसवाले पर ही एक पदाधिकारी के द्वारा की गई बेइज्जती पूरे पुलिस महकमे पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

बता दें कि अभी लॉकडाउन की वजह से किसी को भी गाड़ी से निकलने के लिए रोड पास बनवाना होता है। पास नहीं रहने पर जुर्माना देना पड़ता है, चाहे कोई भी हो, सबको ये आदेश मानना है। वहीं, बिहार के अररिया जिले का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा एक चौकीदार को इसलिए सरेआम बेइज्जत किया जाता है कि उसने पदाधिकारी से रोड पास दिखाने को कहा था। इस बात पर पदाधिकारी इतने नाराज हो गए कि उनकी नाराजगी को देखते हुए पुलिस अधिकारी द्वारा ही चौकीदार को सरेआम सजा सुनाई गई। इस मामले में कृषि पदाधिकारी से स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है, जबकि एक एएसआइ को सस्‍पेंड कर दिया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है और पूरे मामले पर अररिया के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही बिहार के डीजीपी ने इस तरह के कृत्य पर नाराजगी जताई है और चौकीदार से बात कर उसके प्रति संवेदना जतायी है। इनके अलावा पटना के जिला कृषि पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इसके साथ ही बिहार सरकार ने संज्ञान लेते हुए अररिया के जिला कृषि पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनपर चौकीदार से सरेआम उठक-बैठक कराने का आरोप है।

चौकीदार निभा रहा था ड्यूटी, अफसर ने दिखाई हनक 

बताया जा रहा है कि ये घटना दो दिन पहले की है। अररिया जिले के बैरगाछी के पास कृषि विभाग के वाहन से कृषि पदाधिकारी किसी काम से जा रहे थे कि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार ने पदाधिकारी से पास दिखाने को कहा और कहा जब पदाधिकारी ने कहा कि पास नहीं है तो चौकीदार ने जुर्माना देने की बात कह दी।

चौकीदार की ये बात वहां तैनात पुलिस के आला अधिकारी तक पहुंच गई फिर क्या था? पुलिस के आला अधिकारी ने कृषि पदाधिकारी के एक चौकीदार से पास मांगने और जुर्माना देने की बात कहने की सजा सुनाते हुए तुरत चौकीदार को उनसे माफी मांगने को कहा।

इतना ही नहीं, चौकीदार से कान पकड़ उठक-बैठक कराई गई और साथ ही पदाधिकारी के पैर छूकर माफी भी मंगवाई गई। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साफ दिख रहा है कि किस तरह से सरेआम 55 साल के चौकीदार जिसका नाम गोनू तात्मा है उसे बेइज्जत करते हुए उससे उठक-बैठक करायी जा रही और पैर छूकर माफी मंगवाई जा रही है।

एसडीपीओ ने भी चौकीदार को दोषी बताया

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद अररिया एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने पूछे जाने पर फोन पर बताया कि सिपाही खुद ही उठक-बैठक करने लगा था, कृषि पदाधिकारी ने उससे ऐसा करने को नहीं कहा था। उनका कहना है कि इस मामले की मैंने खुद जांच की है।

डीजीपी ने जतायी नाराजगी, एएसआइ सस्‍पेंड

वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहार के DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह घटना शर्मनाक है। इसकी सूचना हमने सरकार को दे दी है और शाम तक इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। जो भी हुआ वो गलत हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वर्दीधारी कोई गलती करता है, तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं। ऐसे में अगर कोई बात थी, तो मुझे सूचना देनी चाहिए थी। इस घटना में शामिल दोषी चाहे जो कोई हो कार्रवाई होगी। इसके बाद देर शाम डीजीपी के निर्देश पर एएसआइ को सस्पेंड कर दिया गया है।

Edited By: Kajal Kumari