नेपाल में मिली 128 बोरी भारतीय यूरिया! सीमा पार पहुंची किसानों के हक की खाद; अररिया के फुलकाहा में उठे गंभीर सवाल
Araria Indo-Nepal Border Urea Smuggling: नेपाल पुलिस ने सुनसरी जिले में एक घर से 128 बोरी भारतीय यूरिया खाद जब्त ...और पढ़ें

Araria Indo-Nepal Border Urea Smuggling: नेपाल के सुनसरी में 128 बोरी भारतीय यूरिया बरामद; सीमा पर खाद की कालाबाजारी से भड़के किसान
HighLights
नेपाल में 128 बोरी भारतीय यूरिया खाद जब्त हुई।
भारतीय किसानों को यूरिया की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद स्टॉक की उच्चस्तरीय जांच की मांग।
संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा पर रासायनिक खाद की अवैध तस्करी का सिंडिकेट एक बार फिर बेनकाब हुआ है। नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती इलाके से सटे नेपाल के सुनसरी जिले अंतर्गत देवानगंज गांवपालिका वार्ड संख्या एक में नेपाली पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर भारी मात्रा में भारतीय यूरिया खाद जब्त की है।
स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार मेहता के घर से भारतीय मार्का लगी 128 बोरी यूरिया बरामद होने के बाद सीमा के दोनों ओर हड़कंप मच गया है। देवानगंज थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर प्रकाश पराजुली के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस बड़ी कार्रवाई ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और सीमावर्ती निगरानी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंडो-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज वार्ड एक में कृष्ण कुमार मेहता के घर से 128 बोरी भारतीय यूरिया जब्त
देवानगंज थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर प्रकाश पराजुली की टीम ने की कार्रवाई; सीमावर्ती क्षेत्र में खाद तस्करी की चर्चा तेज
भारतीय सीमा में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान; एक-एक बोरी के लिए परेशान अन्नदाताओं में जबर्दस्त आक्रोश
फुलकाहा, घुरना, बसमतिया और बेला क्षेत्र के किसानों ने भारतीय खाद विक्रेताओं के स्टॉक रजिस्टर की उच्चस्तरीय जांच की मांग की
यह बरामदगी ऐसे नाजुक समय में हुई है जब भारतीय प्रभाग के किसान खेतों में फसल की बोआई व देखरेख के लिए यूरिया की एक-एक बोरी को लेकर सरकारी केंद्रों और खाद दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सीमावर्ती अन्नदाता पूछ रहे हैं कि जब अपने ही खेतों के लिए खाद की किल्लत बनी हुई है, तो उनके हिस्से की 128 बोरी भारतीय यूरिया सुरक्षित तरीके से सरहद पार कैसे पहुंच गई?
फुलकाहा से बेला तक सक्रिय सिंडिकेट, स्टॉक जांच की उठी मांग
सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र के किसानों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ सीमा पार खाद पकड़ लिए जाने से तस्करी का यह खतरनाक खेल नहीं रुकेगा। इस पूरी आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की तह तक जाना बेहद जरूरी है। यह खाद किस भारतीय थोक या खुदरा केंद्र से निकली, इसे किसने बॉर्डर तक पहुंचाया और किन रास्तों से होकर यह नेपाल के देवानगंज तक पहुंचाई गई, इसकी विस्तृत पड़ताल होनी चाहिए।
किसानों के अनुसार, फुलकाहा, घुरना, बसमतिया और बेला सीमा क्षेत्र से खाद के साथ-साथ नशीले पदार्थों, शराब और अन्य प्रतिबंधित सामानों की आवाजाही की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। तस्करी के इस संगठित रैकेट को तोड़ने के लिए केवल सीमावर्ती गश्त नाकाफी है।
स्थानीय किसानों ने वरीय प्रशासनिक अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित तमाम खाद दुकानों, थोक गोदामों और पैक्स केंद्रों के स्टॉक व बिक्री रजिस्टर का भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि खाद की कालाबाजारी और तस्करी में शामिल असली चेहरों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
21.5 किलो गांजा बरामद, बाइक छोड़ नेपाल भागा तस्कर
नरपतगंज से सटी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग अभियानों में कुल 21 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया है। 56वीं वाहिनी एसएसबी (बथनाहा) की फुलकाहा समवाय और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम सीमा स्तंभ 187 के पास कोशिकापुर में नाका लगाए थी। तभी नेपाल से आ रहा एक संदिग्ध बाइक सवार जवानों को देख बाइक मौके पर ही छोड़कर सरहद पार नेपाल की ओर भाग निकला। तलाशी में बाइक पर बंधे गैलन से 10 पैकेटों में भरा 9.5 किलो गांजा बरामद हुआ।
दूसरी कार्रवाई में घुरना एसएसबी कैंप के जवानों ने गुप्त सूचना पर सीमावर्ती इलाके से 12 किलो गांजा जब्त किया, जहां भी तस्कर फरार होने में सफल रहा। बरामद गांजा और बाइक पुलिस को सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एसएसबी सेनानायक राणा कुमार ने कहा कि सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सघन तलाशी अभियान और निगरानी लगातार जारी रहेगी।
