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कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट क्या है? गाड़ी के सेफ्टी के लिए क्यों है जरूरी?

Published: Sat, 20 Dec 2025 03:48 PM (IST)

कार का लिक्विड कूलेंट इंजन को सही तापमान पर रखता है और ओवरहीटिंग से बचाता है। सर्दियों में कूलेंट के ...और पढ़ें

इंजन कूलेंट: सर्दियों में सुरक्षा और रखरखाव के उपाय

इंजन कूलेंट: सर्दियों में सुरक्षा और रखरखाव के उपाय

HighLights

  1. कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट सही न होने पर इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।

  2. EV में भी कूलिंग सिस्टम बैटरी की सेफ्टी और रेंज के लिए बेहद जरूरी है।

  3. पुराने वाहनों में कूलेंट की नियमित जांच सर्दियों में और भी जरूरी हो जाती है।

ऑटो डेस्क, नई दिल्‍ली। कार का लिक्विड कूलेंट वाहन के सबसे अहम हिस्सों में से एक है। यह न सिर्फ इंजन को सही तापमान पर बनाए रखता है, बल्कि उसे ओवरहीटिंग और गंभीर नुकसान से भी बचाता है। सर्दियों के मौसम में, जब तापमान काफी नीचे चला जाता है, तब कूलेंट के जमने (फ्रीज होने) का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट को समझना हर वाहन मालिक के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट का मतलब

कूलेंट फ्रीजिंग पॉइंट वह तापमान होता है, जिस पर इंजन में इस्तेमाल होने वाला लिक्विड कूलेंट जमने लगता है। अगर कूलेंट जम गया, तो यह इंजन के अंदर फैल सकता है और महत्वपूर्ण पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि सर्दियों में कूलेंट का सही मिश्रण और उसकी गुणवत्ता बेहद अहम हो जाती है।

कूलेंट जमने से क्या नुकसान हो सकता है?

जब तापमान बहुत कम हो जाता है और कूलेंट जमने लगता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जमे हुए कूलेंट के फैलने से इंजन के जरूरी हिस्सों में दरार आ सकती है। कूलेंट का सही सर्कुलेशन रुक सकता है। इंजन की परफॉर्मेंस पर सीधा असर पड़ता है। इससे बचने के लिए कूलेंट में पानी और एंटीफ्रीज का सही अनुपात होना जरूरी है, ताकि वह कम तापमान में भी तरल बना रहे।

EV में कूलेंट की अहमियत

सिर्फ पेट्रोल या डीजल कार ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में भी कूलिंग सिस्टम बेहद जरूरी होता है। EV में थर्मल कूलिंग सिस्टम बैटरी को सुरक्षित तापमान पर रखने में मदद करता है। सही कूलिंग से बैटरी ओवरहीट नहीं होती है। परफॉर्मेंस बनी रहती है। बैटरी ज्यादा एफिशिएंट तरीके से काम करती है, जिससे EV की रेंज बेहतर होती है। खासतौर पर बेहद ठंडे या गर्म मौसम में यह सिस्टम EV की सेफ्टी और परफॉर्मेंस दोनों के लिए अहम हो जाता है।

पुराने वाहनों में ज्यादा सावधानी क्यों जरूरी?

पुरानी गाड़ियों में कूलेंट सिस्टम पहले से ज्यादा संवेदनशील हो सकता है। समय के साथ कूलेंट की क्वालिटी घटती है, जिससे उसके जमने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित रूप से कूलेंट लेवल चेक करना चाहिए। कूलेंट टेस्टर से फ्रीजिंग पॉइंट की जांच करनी चाहिए। हमेशा मैन्युफैक्चरर की सलाह के अनुसार कूलेंट इस्तेमाल करना चाहिए।

सर्दियों में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जरूरी टिप्स

कूलेंट के साथ-साथ सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान भी सतर्कता जरूरी है। कम विजिबिलिटी में फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। ठंड और घने कोहरे वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतें। स्थानीय प्रशासन भी सर्दियों में सावधानी बरतने की सलाह देता है, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके।

हमारी राय

अगर आप सर्दियों में अपनी कार या EV को सुरक्षित और भरोसेमंद रखना चाहते हैं, तो कूलेंट की अनदेखी बिल्कुल न करें। सही कूलेंट, सही मिश्रण और समय-समय पर जांच से न सिर्फ इंजन और बैटरी सुरक्षित रहती है, बल्कि आपकी ड्राइव भी टेंशन-फ्री बनती है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े खर्च और परेशानी से बचा सकती है।