नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। सोशल मीडिया पर फास्‍टैग स्‍कैम से जुड़ी हुई एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में एक लड़के को सफाई के बहाने एक कार के विंडशील्ड पर FASTag स्टिकर स्कैन करके अवैध रूप से पैसे निकालते का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, इस मामले को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जहां बताया गया कि NETC FASTag के इकोसिस्टम के साथ कोई समझौता नहीं करता और इसके साथ आसानी से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

जानिए पूरा मामला

फेसबुक पेज शामली न्‍यूज ने 24 जून को एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया : 'जिनकी भी कार पर फास्ट टैग लगा हुआ है, वो जरा होशियार रहे, ये नया स्कैम आया है, कार का शीशा साफ करते करते आपका अकाउंट भी खाली हो सकता है।'

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का स्पष्टीकरण

एनईटीसी फास्टैग किसी भी व्यक्ति से व्यक्ति की क्षमता में काम नहीं कर सकता है। हर बार जब बैंक एपीआई कनेक्टिविटी के माध्यम से एनपीसीआई से जुड़ता है, तो डेटा को एक सुरक्षित 256एच एसएचए ईसीसी एल्गोरिथम के साथ एन्क्रिप्ट किया जाता है और हेक्साडेसिमल प्राइवेट की के साथ लॉक किया जाता है।

एक "Apple I-watch" का अनुमान लगाया गया था कि कार को साफ करने और बिना किसी प्राधिकरण के अवैध रूप से पैसे का लेन-देन करने के बहाने FASTag को स्कैन करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसपर एनपीसीआई ने बताया कि एनपीसीआई द्वारा ऑन-बोर्ड किए गए प्रत्येक व्यापारी को एक अद्वितीय प्लाजा कोड आवंटित किया जाता है। जो केवल NETC FASTag इकोसिस्टम पर सक्रिय अधिकृत अधिग्रहणकर्ता बैंकों द्वारा ऑनबोर्ड किया गया है। प्रत्येक अधिग्रहणकर्ता बैंक को एक अद्वितीय एक्वायर आईडी (AID) प्रदान की जाती है।

Edited By: Atul Yadav