नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। यूनियन मिनिस्टर प्रकश जावड़ेकर ने मंगलवार को एक ट्वीट किया था जिसमें कहा गया था कि,“टोयोटा कंपनी भारत में निवेश बंद कर देगी यह खबर गलत है। उन्होंने कहा कि टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन विक्रम किर्लोस्कर ने स्पष्ट किया कि टोयोटा अगले 12 महीनों में 2000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी।"

जावड़ेकर के इस ट्वीट के जवाब में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन विक्रम किर्लोस्कर ने एक ट्वीट में कहा है कि, “हम घरेलू ग्राहकों और निर्यात के लिए इलेक्ट्रिक घटकों और प्रौद्योगिकी में 2,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का निवेश कर रहे हैं। हम भारत के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और समाज, पर्यावरण, कौशल और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सभी प्रयास जारी रखेंगे।" किर्लोस्कर का ये ट्वीट यूनियन मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर के ट्वीट के जवाब में किया गया था।

पूर्ण रूप से! हम घरेलू ग्राहक और निर्यात के लिए इलेक्ट्रिक कॉम्पोनेंट्स और टेक्नोलॉजी में 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर रहे हैं। हम भारत के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और समाज, पर्यावरण, कौशल और प्रौद्योगिकी में सभी प्रयास जारी रखेंगे।

दरअसल ब्लूमबर्ग के एक लेख में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के डायरेक्टर शेखर विश्वनाथन के हवाले से कहा गया है कि टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने देश में ऑटोमोबाइल पर लगाए भारी टैक्सेज को दोषी ठहराते हुए भारत में विस्तार को रोकने का फैसला किया था।

विश्वनाथन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं किए गए, तो हो सकता है कि टोयोटा भारत से बाहर न जाए, लेकिन वे विस्तार करने की योजना नहीं बनाते हैं।

इस आर्टिकल के पब्लिश होते ही इंडो-जैपनीज जॉइंट वेंचर की तरफ से इस मामले पर स्पष्टीकरण बेजा गया जिसमें कहा गया था कि "हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध हैं और देश में हमारे संचालन हमारी वैश्विक रणनीति का एक अभिन्न अंग हैं।"

Posted By: Sajan Chauhan

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