नई दिल्ली (जेएनएन)। ऑटोमोबाइल कंपनियां टेक्नोलॉजी के मामले में तेजी से बढ़ रही हैं। पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG के बाद सेमी हाईब्रिड और फुली हाईब्रिड गाड़ियों को बना कर लोगों को अपनी तरफ आकर्षक कर रही हैं। अब ऑटोमोबाइल कंपनियां नेक्स्ट फ्यूल सेल (हाइड्रोजन पावर फ्यूल) से चलने वाली गाड़ियों को पेश कर रही हैं। इस फ्यूल सेल से चलने वाली गाड़ियों को दुनिया की बड़ी कंपनियां, टोयोटा, हुंडई और निकोला जैसी कंपनिया बना रही हैं। इसके साथ ही कई स्टार्ट-अप कंपनियां भी इस काम में जुड़ गई हैं।

टोयोटा मिरे
टोयोटा अपनी हाइड्रोजन फ्यूल कार मिरे को ऑस्ट्रेलिया में बेच रही है। टोयोटा के मुताबिक यह दो टैंक फुल होने के बाद 550 किमी तक का सफर तय कर सकती है। 5kg हाइड्रोजन स्टोरेज वाली इस कार की मुकाबला हुोंडा की क्लेरिटी से है। यह कार की 112kw पावर और 335nm टॉर्क देता है।

हुंडई iX35
यूके में हुंडई की इस कार की डिमांड बढ़ गई है। कंपनी ने हालही में इसकी 6 यूनिट यूके में बेचीं है। एक बार टैंक फुल होने पर यह कार 400 कीमी से ज्यादा का सफर तय कर लेती है।

लेक्सस हाइड्रोज फ्यूल कार
लेक्सस साल 2020 तक अपनी लग्जरी हाइड्रोन फ्यूल कार को लॉन्च करने की प्लानिंग कर रही है। कंपनी का कहना है यह उसकी फ्लैग-शिप सेडान LF-FC मॉडल होगी। कंपनी इसे 2020 में होने वाले टोक्टो ऑलंपिक गेम्स के दौरान लॉन्च कर सकती है।

निकोला ट्रक
ट्रक इंडस्ट्री में निकोला मोटर ने अपने हाइड्रोजन पावर वाले ट्रक को पेश किया है। निकोला वन को 320 KWH बैटरी के साथ भी पेश किया गया है। इस ट्रक को रीफ्यूल होने में 15 मिनट का समय लगता है। एक बार टैंक फुल होने पर यह ट्रक 1931 किमी तक चल सकता है। इसके साथ ही निकोला 2018 में अमेरिका में करीब 364 हाइड्रोजन स्टेशन बनाने जा रही है।
 

Posted By: Bani Kalra

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