नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Traffic Challan (ट्रैफिक चालान) ने इन दिनों लोगों की नींद उड़ा दी है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद से Traffic Rules (ट्रैफिक नियमों) को तोड़ने पर Traffic Police (ट्रैफिक पुलिस) की तरफ से 10 गुना तक ज्यादा चालान (Traffic Penalities) काटा जा रहा है। ऐसे में आज हमारी यह खबर आपके बहुत काम आ सकती है, क्योंकि आज हम आपको बताएंगे कि DigiLocker के बारे में बताने जा रहे हैं। हम आपको उन स्टेप्स के बारे में बताएंगे जिनकी मदद से आप आसानी से DigiLocker APP को Google Play Store पर जाकर डाउनलोड भी कर सकेंगे और अपना अकाउंट भी बना सकेंगे।

DigiLocker पर कैसे बनाएं अकाउंट?

  • अपने स्मार्टफोन में Play Store App पर जाएं और DigiLocker टाइप करें। DigiLocker को अब तक 1 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स ने डाउनलोड किया है। ये ऐप आपके फोन में 21 MB की जगह लेगा।
  • DigiLocker अकाउंट पूरी तरह से फ्री है। आप इस ऐप को अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर कर सकते हैं। ऐप आपके फोन पर OTP (one-time password) भेजेगा। इसके बाद आपको Username और Password सेट करना होगा।
  • इसके बाद ऐप आपके Aadhar नंबर मांगेगा। इसके बाद ऐप Date of birth जैसी जानकारियों को DigiLocker के सिस्टम में शामिल करेगा। यहां ध्यान देना देना जरूरी है कि Aadhar Card और Driving Licence दोनों की जानकारियां एक होनीं चाहिए, तभी DigiLocker आपके डिजिटल कॉपी को सेव करेगा।
  • यूजर्स को अपने Driving Licence नंबर को सिस्टम में डालना होगा, जिससे MoRTH रिकॉर्ड्स वैरिफाई होंगे। डाटा के मैच होने के बाद DigiLocker खुद ब खुद Licence के सारे डाटा को सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से रियल टाइम समय में फेच करने लगेगा।
  • यहां जरूरी है कि आपका ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) लोकल Regional Transport Office (RTO) में अपडेट हो। अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस नंबर MoRTH रिकॉर्ड्स में नहीं है, तो DigiLocker आपके Driving Licence का डिजिटल कॉपी नहीं लेगा।
  • इसके बाद आपका Registration Certificate (RC), इंश्योरेंस और Pollution Under Control (PUC) सर्टिफिकेट सिस्टम में अपलोड होगा।
  • DigiLocker में आपको अपने सभी अलग-अलग डाक्यूमेंट्स को सेव करने के लिए अलग-अलग फोल्डर का भी विकल्प मिलेगा।
  • डिजिटल सिग्नेचर (digital signature) के बाद DigiLocker में डिजिटल RC और DL को वैरिफाइड किया जाएगा। यह डाक्यूमेंट्स पर MoRTH डिजिटल सिग्नेचर से या फिर QR code को स्कैन करके होंगे।

DigiLocker को मानेगी ट्रैफिक पुलिस

Motor Vehicles Act 1988 के मुताबिक DigiLocker या mParivahan ऐप्स में सेव किए हुए डिजिटल कॉपी को ट्रैफिक पुलिस को मानना होगा।

क्या है फायदा?

DigiLocker ऐप के इस्तेमाल से आपको गाड़ी के कागज को हर जगह ले जाने की चिंता नहीं रहेगी। ऐसे में आपका स्मार्टफोन ही काफी है।

 

Posted By: Shridhar Mishra

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