विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

BRICS 2026 में पुतिन और चिनफिंग के 'चलचे-फिरते किले', मजबूती ऐसी कि गोली से लेकर बम तक सब बेअसर

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:11 PM (IST)

BRICS 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस और चीन की पावरफुल बख्तरबंद लिमोसिन भी आई है जो उनकी तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रतीक है।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया भर के नेता जब भी शिखर सम्मेलनों के लिए आते हैं तो उनके काफिले भी कूटनीति का एक अहम हिस्सा होते हैं। रूस ने राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए उनके जुलूस के केंद्र में बख्तरबंद Limousine हैं जैसे Hongqi N701 और Aurus Senat। इन दोनों गाड़ियों को देश की तकनीकी ताकत, राष्ट्रीय सम्मान और अपनी सुरक्षा खुद करने की क्षमता दिखाने के लिए बनाया गया है। अब ये दोनों गाड़ियां BRICS शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है।

Aurus Senat

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin आमतौर पर करीब दो दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ सफर करते हैं लेकिन विदेशी दौरों पर वे अपनी पर्सनल Aurus Senat लिमोसिन का इस्तेमाल करते हैं। इस कार को अक्सर Fortress on Wheels कहा जाता है। यह रूस की Kortezh प्रोजेक्ट्स के तहत विदेश में बनी सरकारी गाड़ियों की जगह लेने के लिए बनाई गई भारी रूप से बख्तरबंद लग्जरी सेडान है।

इतिहास और डिजाइन

Aurus Senat को 2018 में पेश किया गया था और इसे Aurus Motors द्वारा बनाया गया है। यह रूसी सरकारी शोध संस्थान NAMI, Soller JSC और संयुक्त अरब अमीरात की Tawazun Holding का जॉइंट वेंचर है। इसका डिजाइन सोवियत कल की ZIRS-110 Limousine से प्रेरित है जो इसे एक औपचारिक और सीधा लुक देता है।

इंजन परफॉर्मेंस और स्पीड

स्टोर्ड Senat में 4.4 लीटर ट्विन-टर्बो V8 हाइब्रिड इंजन दिया गया है जो लगभग 598hp की पावर और 880nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटि ट्रांसमिशन और ऑल-व्हील ड्राइव के साथ आता है। इसका एक V12 हाइब्रिड वेरिएंट भी तैयार किया गया है। यह Limousine लगभग 6 सेकंड में 0 से 100jmph की स्पीड पकड़ सकती है और इसकी टॉप-स्पीड लगभग 249kmph है।

सेफ्टी फीचर्स और कीमत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसकी बॉडी ऐसी मजबूत मेटल से बनी है जो बड़ी और खतरनाक गोलियों, बम धमाकों और नीचे होने वाले विस्फोटों को आसानी से झेल सकती है। गाड़ी की विंडोज में कई सेंटीमीटर मोटा कांच लगा है जिस पर गोलियों का असर नहीं होता।

कार में रन-फ्लैट टायर, एक मजबूक फ्यूल टैंक, इमरजेसी एग्जिट और केमिकल हमले की स्थिति के लिए एक इंडिपेंडेंट ऑक्सीजन और फिल्ट्रेशन सिस्टम के साथ-साथ आग बुझाने के इक्वीपमेंट्स भी हैं। Senat का एक सिविलियन वर्जन बहुत ही लिमिटेड संख्या में लगभग 18 मिलियन रूबल (लगभग 2.5 करोड़ रुपए) की कीमत पर पेश किया जाता है।

Hongqi N701

चीने के राष्ट्रपित की गाड़ी जिसका नाम Hongqi N701 है, ठीक वैसी ही पहचान रखती है जैसी रूर की कार रखती है। हांगकी शब्द का मतलब लाल झंडा होता है और यह गाड़ी लंबे समय से चीन के बड़े नेताओं के साथ जुड़ी रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Hongqi N710 की लंबाई साढ़े 5 मीटर से भी ज्यादा है और इसका कुल वजन 3 टन यानी लगभग 3000 किलो से ज्यादा है। इस भारी-भरकम वजन की वजह है इसमें लगी मजबूत सुरक्षा और बम-रोधी आर्मर प्लेटें हैं।

सुरक्षा और फीचर्स

चीन सरकार इस कार की असली जानकारी सीक्रेट रखती है लेकिन माना जाता है कि N701 में भारी सुरक्षा प्लेटें, बुलेट-रोधी कांच, मजबूत बॉडी और 21-इंच के बुलेटप्रूफ व्हील्स और टायर दिए गए हैं। साथ ही, इसमें इंडिपेंडेंटली काम करने वाला लाइफ सपोर्ट सिस्टम और सुरक्षित कम्युनिकेश सिस्टम भी है।

इंजन और डिजाइन

इस गाड़ी को पावर देने के लिए इसमें 6.0 लीटर का V12 इंजन होने की उम्मीद है जो लगभग 408hp की पावर देता है। हालांकि, Hongqi कंपनी V8 इंजन भी बनाती है जिसका इस्तेमाल सरकारी वर्जन में किया जा सकता है। इस Limousine का डिजाइन Hogqi L5 से मिलता-जुलता है (जिसका इस्तेमाल भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में चीन की यात्रा के दौरान किया था), लेकिन N701 उससे ज्यादा लंबी है।

नेशनल प्रोजेक्ट्स

Aurus Senat और Hongqi दोनों को जानबूझकर नेशनल प्रोजेक्टस के रूप में तैयार किया गया है। ये गाड़ियां साबित करती हैं कि रूस और चीन अपनी खुद की सुरक्षित सरकारी कारें खुद डिजाइन और तैयार कर सकते हैं जिससे पश्चिमी निर्माताओं पर उनकी निर्भरता कम हो जाती है।

नई दिल्ली में आयोजित BRICS जैसे शिखर सम्मेलनों में ये Limousine सिर्फ राष्ट्रपतियों को लाने-ले जाने का काम नहीं करती बल्कि हर देश की ताकत, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वायत्तता (Stratgic Autonomy) को भी मजबूती देती हैं।

यह भी पढ़ें- बम से लेकर जहरीली गैस, सब है बेअसर; दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ी में चलते हैं पुतिन