नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कारों की बिक्री कम होने के चलते उनका प्रोडक्शन बंद कर देना तो आम बात है, लेकिन कुछ कारें ऐसी भी रही हैं जो लंबे समय तक सड़कों पर राज करने के बावजूद भी अचानक बिकना बंद हो गईं। इसमें कंपनियों की स्ट्रैटेजी, एमिशन नॉर्म्स और दूसरी कारों की बिक्री जैसे कई कारण शामिल हैं। हालांकि, आज भी सेकंड़ हैंड बाजार में इन कारों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। आज हम आपको अपनी इस खबर में ऐसी ही कुछ कारों के बारे में बताएंगे जो बाजार में हिट तो रहीं लेकिन किसी वजह से कंपनी की ओर से इन्हें बंद करना पड़ा।

1. हुंडई सेंट्रो

साउथ कोरिया की कार निर्माता कंपनी हुंडई की सबसे पॉपुलर हैचबैक कार सेंट्रो को बनाना 1998 में तमिलनाडू के श्रीपेरंबुदुर में शुरू किया गया था। 2004 के बाद हैचबैक सेगमेंट पर इस कार का पूरी तरह कब्जा हो गया था और बाजार में इसे काफी अच्छी प्रतिक्रियाएं मिलने लगी थी। इसके बावजूद कंपनी की ओर से 2014 में इसे अचानक बंद करना पड़ा। कंपनी ने लॉन्च होने बाद इसकी 13.60 लाख यूनिट्स बेच चुकी है।

क्यों हुई बंद?

हुंडई एलीट i20 और i10 जैसी दूसरी कारों को मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया और इनकी कैपेससिटी को बढ़ाने के चलते कंपनी को सेंट्रो का प्रोडक्शन बंद करना जरूरी हो गया था। हुंडई सेंट्रो को 1998 में लॉन्च किया गया था और 2014 में बंद कर दिया गया।

2. मारुति 1000

भारतीय बाजार में मारुति 1000 सेडान कार थी और इसे 1990 में लॉन्च किया गया था। मारुति की यह पहली कार थी जिसके लिए ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। लाइन ज्यादा लंबी लगने की वजह से इसे कंप्यूटर लॉटरी सिस्टम के जरिए बेचना शुरू किया गया।

क्यों हुई बंद?

मारुति 1000 की अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के चलते कुछ समय बाद इसे एस्टीम नाम से उतारा गया। नया लुक की डिमांड के चलते इसे कुछ सालों बाद मारुति SX4 से रिप्लेस कर दिया गया। यह कार 1990 में लॉन्च की गई थी और 2010 में इसे बंद कर दिया गया।

3. टोयोटा क्वालिस

टायोटा क्वालिस आज भी सड़कों पर चलती दिख जाती है। गांव-देहात के लोग आज भी इस कार की डिमांड रखते हैं। मल्टी पर्पज व्हीकल (MPV) सेगमेंट में इस कार का कब्जा था क्योंकि लॉन्च होने के बाद ही एक साल के भीतर इसकी 21 हजार से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी थीं। इतना ही नहीं ज्यादा डिमांड के चलते बाजार पर इस कार का 35 फीसद कब्जा हो गया।

क्यों हुई बंद?

टोयोटा ने इस कार को बंद करते हुए कहा था कि हम अपने ग्राहकों को नए प्रोडक्ट्स भी देना चाहते हैं इसलिए क्वालिस का प्रोडक्शन बंद कर रहे हैं। क्वालिस के बाद कंपनी ने इनोवा को लॉन्च किया और इसने पूरी तरह क्वालिस को रिप्लेस कर दिया। टोयोटा क्वालिस 2000 में लॉन्च की गई थी और 2006 में इसे बंद कर दिया गया।

3. फोर्ड आईकन

फोर्ड ने अपनी सब-कॉम्पैक्ट सेडान आईकन को 1999 में लॉन्च किया था और लॉन्च होने के बाद इसने तेजी से बाजार पर कब्जा कर लिया था। इस कार में कंपनी की ओर से कोई अपडेट न होने के चलते इसकी बिक्री में गिरावट आती गई और फिर इसे 2011 को बंद कर दिया गया। हालांकि, कंपनी ने फोर्ड फीगो एस्पायर से बाजार में फिर इस सेगमेंट पर वापसी की।

क्यों हुई बंद?

बाजार में होंडा सिटी, हुंडई वरना और एसेंट की बढ़ती डिमांड और बिक्री में गिरावट के चलते इसका प्रोडक्शन बंद करना पड़ा। इसके 1999 में लॉन्च किया था और 2011 में बंद करना पड़ा।

5. डायवू मटिज

डेवू मटिज 90 के दशक में अपने लुक के चलते सबसे ज्यादा बिकने वाली हैचबैक में से एक थी। 2000 की शुरुआत में ही इस हैचबैक में पावर विंडो, रूफ रेल्स और ड्राइवर एयरबैग्स जैसे फीचर्स दिए गए जो ग्राहकों को खूब लुभाते थे क्योंकि उस समय ये फीचर्स छोटी कारों में बहुत ही कम देखे जाते थे।

क्यों हुई बंद?
वित्तीय संकट के चलते डेवू को भारत में अपना ऑपरेशन बंद करना पड़ा, जिसके बाद जनरल मोटर्स ने इस प्लांट को खरीद लिया। इसके बाद जनरल मोटर्स ने मटिज को बंद कर भारत में शेवरले स्पार्क को लॉन्च किया। डेवू मटिज 1999 में लॉन्च हुई थी और इसे 2007 में बंद कर दिया गया था। 

Posted By: Ankit Dubey

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