नई दिल्ली (जेएनएन)। नई कार खरीदने की हेसियत रखने वाले सेकंड हैंड गाड़ियां क्यों खरीद रहे हैं? केई कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर साशा मीरचंदानी ने कहा, "जब मैं नई कार खरीदना चाहता था तब मैं उसे खरीद नहीं पाया, अब जब मैं नई कार खरीद सकता हूं तो मुझे लगता है कि सेकंड हैंड कार ही खरीदनी चाहिए वही मेरे लिए बेहतर है।" सिर्फ मीरचंदानी ही नहीं देश और दुनिया में कई ऐसे अरबपति हैं जो नई गाड़ी खरीदने की बजाए सेकंड हैंड कार खरीदना पसंद करते हैं।

मीरचंदानी ने दी वारेन बफे की मिसाल:

मीरचंदानी के मुताबिक नई कार की कीमत तेजी से घटती है, इसलिए नई कार खरीदने में परेशानी है। इतना ही नहीं, उनके हीरो वारेन बफे भी हमेशा सेकंड हैंड कार खरीना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, "अगर लोग मुझ से इसलिए नहीं जुड़ना चाहते कि मैने सेकंड हैंड कार खरीदी है तो मेरे लिए उन लोगों से मिलना बेकार है। वह केवल आपके पास मौजूद चीजों की वजह से आपसे जुड़ रहे हैं। कई लोग इसका मजाक उड़ाते हैं लेकिन कई स्मार्ट लोग इसकी प्रशंसा करते हैं।

विप्रो के चेयरमैन ने भी खरीदी सेकंड़ हैंड कार:

विप्रो के चेयरमैन फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास में जाना पसंद करते हैं और खुद होंडा सिटी कार से चलते हैं। हाही में अजीम प्रेमजी से विप्रो के सीनियर एक्जीक्यूटिव्स और चाहने वालों ने उन्हें सलाह दी कि पुरानी होंडा सिटी को बदल लें। इसके बाद उन्होंने अपने ही एक कर्मचारी से सेकंड हैंड मर्सिडीज बेंज खरीदी। 

Posted By: Ankit Dubey