नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। देश के सबसे प्राचीनतम शहरों में से एक पटना कई ऐतिहासिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक कथाओं का साक्षी रहा है। लगभग 2500 साल पुराना इतिहास पटना को सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध शहर बनाते हैं। पाटलिपुत्र के प्राचीन नाम से प्रसिद्ध इस शहर को चंद्रगुप्त मौर्य व अशोक महान जैसे शासकों ने अपनी राजधानी बनाया। प्राचीन यात्रियों जैसे फाहियान व मेगास्थनीज ने भी अपनी रचनाओं में इस शहर का वर्णन किया है। यह शहर सर्वधर्म समभाव का भी एक अद्भुत उदाहरण है। आज भी पटना विभिन्न संस्कृतियों व धर्मों को अपने भीतर संजोए हुए अनेकों ऐतिहासिक कहानियां हमसे साझा करता है। अपने खास कार्यक्रम ‘भारत के रंग TVS Radeon के संग’ के अगले चरण में हम इसी शहर की खूबसूरत कहानियां जानेंगे।

पटना के रंग, Radeon Man शरण्य के संग

विभिन्न रंगो से भरे धाकड़ शहर पटना को जानने के लिए हमें तलाश थी एक ऐसे ही धाकड़ व्यक्तित्व की और ये तलाश हमें लेकर पहुंची Radeon Man शरण्य सिन्हा के पास। पटना को अपने दिल में बसाए शरण्य पेशे से वकील व एक कलाकार भी हैं। साथ ही अपने NGO के द्वारा ये पटना शहर के वंचित बच्चों को पढ़ाते भी हैं। खुद के साथ-साथ पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शरण्य की ये कोशिश उन्हें बनाती है धाकड़ Radeon Man बिल्कुल TVS Radeon की तरह।

नए पटना की पहचान दीघा ब्रिज

पटना शहर की कहानियों का सिलसिला शुरू हुआ बेहद खूबसूरत दीघा ब्रिज से। 4556 मीटर लंबा यह ब्रिज पटना में पिछले कुछ सालों में हुए बड़े परिवर्तनों में से एक है। लोकनायक जय प्रकाश के नाम पर इस ब्रिज को जेपी सेतु भी कहते हैं। यह भारत का दूसरा सबसे लंबा रेल सह सड़क पुल है। यह ब्रिज पटना और सोनपुर को आपस में जोड़ता है। इसके ऊपर से TVS Radeon चलाते हुए हमें गंगा व पटना शहर दोनों का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

तख्त श्रीहरिमंदिर साहिब की शांति

हमारा अगला पड़ाव था तख्त श्रीहरिमंदिर साहिब, जिसे पटना साहिब के नाम से भी जाना जाता है। सिख धर्म के दसवें व अंतिम गुरू, गुरू गोविंद सिंह का जन्म यहीं पर ही हुआ था। गुरू गोविंद सिंह ने अपने बचपन के कुछ दिन यहीं पर ही बिताए थे। इनके बचपन का पालना, पादुका, तलवार व हुकुमनामा आज भी गुरूद्वारे में सुरक्षित रखा हुआ है। हर साल लाखों की संख्या में सिख तीर्थयात्री पटना साहिब के दर्शन के लिए आते हैं। यहां के दर्शन से ही सुकून व शांति की अनुभूति होती है।

बुद्ध स्मृति पार्क में झलकती है महात्मा बुद्ध की शिक्षा

महात्मा बुद्ध की 2554वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसका निर्माण बिहार सरकार ने कराया था। इसका उद्घाटन 27 मई 2010 को बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्मगुरू दलाई लामा ने किया था। इसके मध्य में 200 फीट ऊंचा स्तूप है। साथ ही यहां पर 6 देशों से लाई गई बुद्ध अस्थि अवशेष की मंजुषाएं भी रखी गई हैं। इसे पाटलिपुत्र करुणा स्तूप भी कहा जाता है।

पटना का इंटरनेशनल लिट्टी चोखा

बात पटना की हो और लिट्टी चोखा की बात न की जाए तो समझिए कहानी अधूरी है। लिट्टी चोखा न सिर्फ पटना, बल्कि पूरे बिहार का प्रमुख व्यंजन है। इसके साथ सबसे खास बात यह है कि इसे हर वर्ग के लोग बडे़ ही चाव के साथ खाते हैं। गेंहू के आटे की लिट्टी व उसके भीतर चने का सत्तू, शायद ही कोई बता सके कि इतने साधारण तरीके से बनने वाला व्यंजन आखिर क्यों बिहार के लोगों के दिलों में बसता है। ठीक उसी तरह जैसे हर वर्ग के लोगों के दिलों में बसता है TVS Radeon।

पटना भ्रमण में हमने पटना के और भी रंगों को देखा, जाना व उन्हें समझा। इस सफर को और भी आरामदायक बनाया TVS Radeon ने, तो वहीं पटना से हमारा और आपका परिचय कराया हमारे Radeon Man शरण्य सिन्हा ने।

 नोट: यह आर्टिकल ब्रांड डेस्‍क द्वारा लिखा गया है।

Edited By: Bhavana