नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। भारत के भीतर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का प्रोडक्शन हाल के ही कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। जिन कंपनियों ने अपना उत्पादन बढ़ाया है उनमें विदेशी कंपनियों की संख्या थोड़ी ज्यादा है। लेकिन प्रोडक्शन के इतर एक दिलचस्प बात यह है कि भारत की सड़कों पर फर्राटा भरने वाली देशी-विदेशी गाड़ियां विदेशों में किसी और नाम से जानी जाती हैं। हम अपनी इस रिपोर्ट में आपको कुछ ऐसी गाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो विदेशों में किसी और नाम से रजिस्टर्ड होती हैं।

फ्लॉप मॉडल का नाम बदलकर री-लॉन्च करती हैं कंपनियां:

कई विदेशी कंपनियों ने भारत को ही अपना प्रोडक्शन हब बना लिया है। हालांकि, इन कंपनियों को भारत में कई बार नई कार लॉन्च करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये कारें विदेशों में दूसरे नाम से रजिस्टर होती हैं और यहां किसी और नाम से। इतना ही नहीं कई बार तो ऐसा होता है कि भारत में कार फ्लॉप होने के बाद कंपनियों को इन्हें अलग नाम देकर रीलॉन्च करना पड़ जाता है।

1. फोर्ड फीगो या फिर फोर्ड Ka+

फोर्ड फीगो को भारत में डेवेलप करती है और इसे दूसरे विकसित बाजारों मसलन साउथ अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों में निर्यात करती है। इसका पहला जनरेशन तो बेसिक था लेकिन दूसरे जनरेशन वाली फीगो को नए प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। निर्यात बाजार में फीगो को Ka+ (का+) नाम से बेचा गया। Ka नाम की कारें तब से बिक रही हैं जब फीगो को पेश भी नहीं किया गया था।

2. होंडा जैज या फिर होंडा फिट

जापानी कार निर्माता कंपनी होंडा अक्सर जापान, यूरोप, अमेरिका और एशियन बाजार में कारों के नाम बदल कर बेचती है। ऐसा ही कुछ होंडा जैज के साथ है। भारत में बिकने वाली होंडा जैज को अमेरिका और जापान में होंडा फिट के नाम से बेचा जा रहा है।

3. निसान सनी या फिर निसान वरसा या अल्मेरा

निसान भी अलग-अलग नाम से अमेरिका और एशिया में अपनी कारों की बिक्री करती है। यही वजह है कि भारत में निसान सनी, अमेरिका में वरसा और थाइलैंड में अल्मेरा नाम से जानी जाती है।

4. रेवा या फिर जी-विज

भारत की पहली इलेक्ट्रिक कार भले ही छोटी थी लेकिन कम से कम सही दिशा में यह ठीक कदम था। अपने जीवन चक्र के दौरान रेवा को रेवाए और रेवा एल-आयन में अपडेट किया गया। लेकिन क्या आप जानते हैं इस कार को 26 देशों में निर्यात किया जाता है। ब्रिटेन में इस कार को जी-विज नाम से बेचा जाता है।

5. हुंडई सेंट्रो या फिर एटोस प्राइम या एटोज एमिका

कोरियन कार निर्माता कंपनी हुंडई की सेंट्रो भारत में उतनी ही फेमस है जितनी मारुति 800 और ऑल्टो। टॉल ब्वॉय डिजाइन और अच्छी माइलेज के चलते ग्राहकों को यह कार आज भी पसंद है। भारत के लिए इसे मोडिफाइड एटोस प्लेटफॉर्म पर बनाया गया और फिर सेंट्रो नाम से लॉन्च किया गया। ब्रिटेन में इस कार का नाम हुंडई एटोज एमिका, साउथ कोरिया और इंडोनेशिया में इसे हुंडई एटोस नाम से जाना जाता है।

6. फोर्ड एंडेवर या फिर फोर्ड एवरेस्ट

फोर्ड की एसयूवी के लिए एंडेवर नाम सिर्फ भारत के लिए रखा गया है। इसका असली नाम फोर्ड एवरेस्ट है, जिसे साउथ ईस्ट एशिया के बाजार में बेचा जाता है। आपको बता दें भारत में फोर्ड ने इसे एवरेस्ट नाम से इसलिए नहीं उतारा क्योंकि पहले से ही "एवरेस्ट मसाला" नाम की कंपनी भारत में रजिस्टर थी जो मसाला बनाती है। 

Posted By: Ankit Dubey

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