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Exclusive: Nvidia के फाउंडर ने भारत की सड़कों को बताया दुनिया की सबसे चैलेंजिंग, ऑटोनॉमस गाड़ियों की टेस्टिंग के लिए बेहतरीन जगह

Published: Wed, 04 Feb 2026 02:04 PM (IST)

ह्यूस्टन में 3DExperience WORLD 2026 में, Nvidia के जेन्सेन हुआंग ने कहा कि ऑटो उद्योग सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वाहनों की ओर बढ़ ...और पढ़ें

जेन्सेन हुआंग: भारतीय सड़कें स्वायत्त ड्राइविंग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण

जेन्सेन हुआंग: भारतीय सड़कें स्वायत्त ड्राइविंग के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण

HighLights

  1. भारतीय सड़कें ऑटोनॉमस ड्राइविंग के लिए सबसे कठिन लेकिन सबसे जरूरी टेस्टिंग ग्राउंड हैं।

  2. भविष्य की कारें पहले सॉफ्टवेयर और वर्चुअल दुनिया में तैयार होंगी, फिर सड़क पर उतरेंगी।

  3. Nvidia-Dassault की साझेदारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को डिजिटल और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड की ओर ले जा रही है।

ऑटो डेस्क, नई दिल्‍ली। ह्यूस्टन में आयोजित 3DExperience WORLD 2026 के मंच से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी की दुनिया के भविष्य को लेकर एक बेहद अहम बात सामने आई। जेन्सेन हुआंग (Jensen Huang) जो Nvidia के फाउंडर और CEO हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स की ओर बढ़ रही है और ऑटो इंडस्ट्री को इस बदलाव के लिए अभी से तैयार रहना होगा। इस दौरान उनके साथ मंच पर डसॉल्ट सिस्टम्स के CEO पास्कल डालोज (Pascal Daloz) भी मौजूद थे। जेन्सेन हुआंग ने साफ शब्दों में कहा कि भविष्य की कारें सड़क पर उतरने से पहले सॉफ्टवेयर और वर्चुअल दुनिया में पूरी तरह तैयार की जाएंगी।

भारतीय सड़कों का अनुभव

जेन्सेन हुआंग ने भारत में अपनी यात्रा का अनुभव शेयर करते हुए भारतीय सड़कों को दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण सड़कों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में ट्रैफिक की जटिलता, घनत्व और अनिश्चितता किसी भी ड्राइवर या सिस्टम के लिए असली परीक्षा है। एक निजी अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पिछली भारत यात्रा के दौरान ट्रैफिक इतना धीमा था कि कार लगभग उतनी ही रफ्तार से चल रही थी, जितनी सड़क किनारे पैदल चल रहे लोग। उनके मुताबिक यह आलोचना नहीं, बल्कि वास्तविक ड्राइविंग कंडीशंस की सच्चाई है।

Jensen Huang Nvidia (3)

ऑटोनॉमस ड्राइविंग के लिए भारत क्यों अहम?

जेन्सेन हुआंग का मानना है कि यही चुनौतियां भारत को भविष्य की मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के लिए एक बेहद अहम बाजार और टेस्टिंग ग्राउंड बनाती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक भारत में जरूर आएगी, लेकिन यह पश्चिमी देशों से सीधे कॉपी-पेस्ट नहीं होगी। उनके अनुसार, सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम्स को भारतीय ड्राइविंग बिहेवियर, ट्रैफिक पैटर्न और इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुसार खुद को ढालना होगा। जब कोई ऑटोनॉमस सिस्टम भारतीय सड़कों पर सफलतापूर्वक चलने लगेगा, तो वह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

Jensen Huang Nvidia (2)

Nvidia और Dassault की साझेदारी का मतलब

जेन्सेन हुआंग ने Nvidia और Dassault Systemes की साझेदारी को खास बताया। उनके मुताबिक यह सहयोग सिर्फ गाड़ियां डिजाइन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल तरीके से सिमुलेट, वैलिडेट और परफेक्ट करने पर केंद्रित है। आप सिर्फ कारें नहीं बना रहे, आप पहले वर्चुअल दुनिया में वर्ल्ड-क्लास प्रोडक्ट्स बना रहे हैं। यह अप्रोच भविष्य की ऑटो इंडस्ट्री की दिशा तय करती है।

Jensen Huang Nvidia

सेमीकंडक्टर और सॉफ्टवेयर की बढ़ती भूमिका

आज की आधुनिक कारें, खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, पहले से कहीं ज्यादा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हो चुकी हैं। ऐसे में सेमीकंडक्टर्स पर निर्भरता तेजी से बढ़ रही है। Nvidia अब सिर्फ ग्राफिक्स कंपनी नहीं रही, बल्कि उसके प्लेटफॉर्म्स AI-बेस्ड ऑटोनॉमस सिस्टम्स, डिजिटल कॉकपिट, ADAS और फुल-स्केल व्हीकल सिमुलेशन को पावर दे रहे हैं।

वहीं, Dassault Systemes अपने वर्चुअल ट्विन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऑटो कंपनियों को वाहन, फैक्ट्री और सप्लाई चेन को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में डिजाइन करने में मदद कर रही है। पास्कल डालोज ने भी दोहराया कि भारत, खासकर ऑटोमोटिव और EV सेगमेंट में, Dassault के लिए एक रणनीतिक रूप से अहम बाजार है।