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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kaushambi News : विषखोपड़ा की दहशत के बीच कटी ग्रामीणों की रात, 26 घंटे बाद शिकारी ने पकड़ा तो मिली राहत

Published: Mon, 07 Jul 2025 07:49 PM (GMT+05:30)

कौशांबी जनपद के सिराथू स्थित इचौली गांव में जहरीले जीव विषखोपड़ा के कारण लोग 26 घंटे तक भयभीत रहे। रविवार ...और पढ़ें

विषखोपड़ा की दहशत के बीच कटी रात, 26 घंटे बाद शिकारी ने पकड़ा
विषखोपड़ा की दहशत के बीच कटी रात, 26 घंटे बाद शिकारी ने पकड़ा

जागरण संवाददाता, कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के इचौली गांव में रविवार दोपहर से विषखोपड़ा (एक विषैला जीव) व ग्रामीणों के बीच चली लुकाछिपी 26 घंटे तक जारी रही। इस दौरान ग्रामीणों में दहशत का माहौल भी रहा। सोमवार दोपहर में प्रयागराज से आए शिकारी ने विषखोपड़ा को पकड़ कर जंगल में छोड़ा तब जाकर लोगों ने राहत महसूस की। अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीण रात भर पहरेदारी करते रहे।

इचौली गांव में बस्ती के बीच शिव मंदिर है। इस के बगल एक वट वृक्ष है। रविवार दोपहर करीब 12 बजे पास में स्थित प्राथमिक स्कूल के बच्चे विद्यालय बंद होने के बाद उधर से घर जा रहे थे। इस दौरान बच्चों की नजर बड़ी आकार की छिपकली जैसे दिखने वाले जीव पर पड़ी। वह विषखोपड़ा से अनजान थे व उस पर पत्थर फेंकने लगे। इस दौरान लोगों की भीड़ लग गई।

इस बीच उधर से गुजरे लोगों ने देखा कि वह छिपकली जैसे दिखने वाला तंतु असल में विषखोपड़ा था। यह बात पूरे गांव में फैली तो लोग दहशत में आ गए। दरअसल विषखोपड़ा करीब दो फिट लंबा था व लोगों के घेरने पर दौड़कर बरगद के पेड़ पर चढ़ जाता था।

गांव के पिंकू मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी क्षेत्रीय वन दारोगा को दी गई लेकिन शाम तक कोई नहीं आया। इसे लेकर रात को ग्रामीण लाठी व टार्च लेकर पेड़ के समीप पहरा लगाकर बैठ गए। सुबह प्रयागराज से एक सर्प पकड़ने वाले शिकारी को बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर करीब दो बजे विषखोपड़ा पकड़ा जा सका। शिकारी ने गांव के बाहर पकड़े गए विषखोपड़ा का ससुर खदेरी नदी के समीप छोड़ दिया है।