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Exclusive: Ather की इलेक्ट्रिक बाइक लाने की तैयारी, नए प्लांट और चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:00 PM (IST)

Ather Energy के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला बताया कि Ather Energy का दिसंबर में दूसरा प्लांट शुरू करने, चार्जिंग ...और पढ़ें

Ather Energy के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला से खास बातचीत

Ather Energy के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला से खास बातचीत

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही कंपनियों के सामने उत्पादन क्षमता बढ़ाने, चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने और ग्राहकों की जरूरत के अनुसार नए प्रोडक्ट विकसित करने की चुनौती भी है। ऐसे ही कुछ मुद्दों पर Ather Energy के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला (Ravneet Phokela) से खास बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने कंपनी के दूसरे प्लान के शुरू होने, Konark के नए वेरिएंट, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, बैटरी वारंटी और चार्जिंग नेटवर्क से संबंधित चीजों के बारे में विस्तार में बताया। इसके साथ ही उन्होंने बैटरी की लंबी वारंटी, स्थानीय स्तर पर सेल निर्माण, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की योजना और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में चार्जिंग की समस्या जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

Ather के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला से खास बातचीत

सवाल 1: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बिक्री को देखते हुए Ather Energy क्या कर रही है?

जवाब: रवनीत फोकेला ने इंटरव्यू के दौरान इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की बिक्री का सही आकलन करने के लिए उनकी उत्पादन क्षमता को भी समझना जरूरी है। Ather Energy के पहले प्लांट की मासिक उत्पादन क्षमता 35,000 यूनिट है और कंपनी फिलहाल पूरी क्षमता पर काम कर रही है। हमारे पास मिलने वाले प्री-ऑर्डर को देखें तो मांग इतनी अधिक है कि अगर अतिरिक्त उत्पादन क्षमता उपलब्ध होती, तो हम हर महीने करीब 18,000-20,000 अतिरिक्त यूनिट बेच सकते थे।

जब हमने अपनी फैक्ट्री में काम शुरू किया था, तब मासिक उत्पादन लगभग 18,000-19,000 यूनिट था। उस समय हमें लगा कि 35,000 यूनिट की क्षमता के मुकाबले उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह है। लेकिन पिछले 8-10 महीनों में बाजार की मांग उम्मीद से कहीं तेजी से बढ़ी है। अब दूसरा प्लांट दिसंबर में चालू होने जा रहा है। इसके साथ ही Konark इलेक्ट्रिक स्कूटर की उपलब्धता भी बढ़ाई जाएगी। अभी इसे कुछ क्षेत्रों में ही उपलब्ध कराया गया है। अगले 6-9 महीनों में इसका विस्तार करने और नई फैक्ट्री का उत्पादन बढ़ाने के बाद बिक्री की वास्तविक स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी।

सवाल 2: क्या इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में उत्पादन क्षमता की कमी सिर्फ Ather Energy की समस्या है?

जवाब: नहीं, उत्पादन क्षमता की चुनौती दूसरी कंपनियों के सामने भी है। हमारी शुरुआती उत्पादन क्षमता अपेक्षाकृत कम थी, इसलिए मांग बढ़ने का असर हम पर ज्यादा दिखाई देता है। अगर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मासिक बिक्री करीब 2 लाख से 2.05 लाख यूनिट है, तो उद्योग की वास्तविक उत्पादन क्षमता लगभग 2.30 लाख से 2.40 लाख यूनिट के आसपास हो सकती है। इसलिए केवल बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनियों की स्थिति का आकलन नहीं करना चाहिए। उत्पादन क्षमता, ग्राहकों की मांग और प्रोडक्ट की उपलब्धता को भी समझना जरूरी है।

सवाल 3: Ather Konark पर 10 साल की बैटरी वारंटी के बाद ग्राहकों के पास क्या विकल्प होंगे?

जवाब: Ather में बैटरी की वारंटी के अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। इसमें 3 साल की स्टैंडर्ड वारंटी के अलावा 5, 8 और 10 साल के विकल्प भी शामिल हैं। Konark की बैटरी वारंटी के संदर्भ में 10 साल बाद बैटरी की क्षमता 70% से ऊपर रहने की गारंटी दी गई है। यदि निर्धारित शर्तों के अनुसार बैटरी की क्षमता इससे नीचे आती है, तो ग्राहक वारंटी का लाभ ले सकता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी स्कूटर की शुरुआती रेंज 100-120 किलोमीटर है और समय के साथ बैटरी की क्षमता घटती है, तो उसकी रेंज भी कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार स्कूटर का इस्तेमाल जारी रख सकता है या बैटरी बदलवाने का विकल्प चुन सकता है। बैटरी की क्षमता कम होने का मतलब यह नहीं है कि वह तुरंत काम करना बंद कर देगी। इसलिए बैटरी बदलने का निर्णय ग्राहक की जरूरत और उपलब्ध रेंज के आधार पर लिया जा सकता है।

सवाल 4: क्या आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी बदलवाना सस्ता हो सकता है?

जवाब: रवनीत फोकेला ने इंटरव्यू के दौरान इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बैटरी सेल की कीमतें पिछले 10-12 वर्षों में कम होने की दिशा में रही हैं। इसके अलावा भारत में स्थानीय स्तर पर बैटरी सेल का उत्पादन शुरू होने से लागत में और कमी आने की संभावना है। सरकार की PLI योजना के तहत इस दिशा में काम शुरू हो चुका है, हालांकि उत्पादन को बड़े स्तर पर पहुंचने में समय लगेगा।

अगर अगले कुछ वर्षों में भारत में सेल निर्माण का विस्तार होता है और स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होती है, तो बैटरी की लागत को कम करने में मदद मिल सकती है। मेरा अनुमान है कि जब मौजूदा इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बैटरियों को लगभग 10 साल बाद बदलने की जरूरत पड़ेगी, तब उनकी कीमत आज के मुकाबले काफी कम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कीमत उस समय की तकनीक, उत्पादन लागत और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।

सवाल 5: बैटरी सेल के लिए चीन पर निर्भरता कम करने को लेकर Ather Energy की क्या रणनीति है?

जवाब: इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले सेल चीन के अलावा दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों से भी आते हैं। मलेशिया में भी इस क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ रही हैं। हालांकि, चीन की सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता काफी बड़ी है। Ather Energy भारत में बैटरी पैक तैयार करती है, जबकि सेल बाहर से मंगाए जाते हैं। मोटर का निर्माण भी भारत में होता है, लेकिन सेमीकंडक्टर और बाकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट के मामले में उद्योग को अभी भी अलग-अलग देशों की सप्लाई चेन पर निर्भर रहना पड़ता है। इसलिए यह चुनौती केवल इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग तक सीमित नहीं है। कई आधुनिक उद्योगों में किसी न किसी स्तर पर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन की भूमिका होती है।

सवाल 6: क्या Ather Energy भविष्य में पूरी तरह भारतीय बैटरी तकनीक अपनाने की दिशा में काम कर रही है?

जवाब: भारत में बैटरी सेल और सेमीकंडक्टर का स्थानीय उत्पादन शुरू होना सकारात्मक कदम है, लेकिन किसी नए सप्लायर से कंपोनेंट लेना आसान नहीं होता। उदाहरण के लिए, यदि कंपनी एक प्रकार के सेल से दूसरे प्रकार के सेल पर स्विच करना चाहती है, तो इसके लिए परीक्षण और वैलिडेशन की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया में लगभग 12 महीने लग सकते हैं।

किसी सेल का तकनीकी रूप से अच्छा होना ही पर्याप्त नहीं है। कंपनी को यह भी देखना पड़ता है कि सप्लायर लंबे समय तक उत्पादन जारी रख पाएगा या नहीं और उसकी सप्लाई कितनी भरोसेमंद होगी। भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू होने के बाद भी कंपनियां तुरंत आयातित कंपोनेंट बदलने के बजाय सप्लाई की स्थिरता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगी। शुरुआत में स्थानीय कंपोनेंट महंगे हो सकते हैं, लेकिन उनसे विदेशी सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

सवाल 7: Ather Energy आने वाले वर्षों में कौन-से नए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लॉन्च करेगी?

जवाब: रवनीत फोकेला ने इंटरव्यू के दौरान इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल Konark के कुल पांच वेरिएंट की योजना है, जिनमें से दो पेश किए जा चुके हैं। बाकी वेरिएंट को भी आगे लाने की योजना है। इसके साथ ही कंपनी मौजूदा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने और उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। Ather Energy के पोर्टफोलियो में 450 सीरीज, Rizta और Konark शामिल हैं। इनकी डिजाइन और पोजिशनिंग अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। कंपनी का मानना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार के परिपक्व होने के साथ ग्राहकों की जरूरतें भी अधिक स्पष्ट होंगी। ऐसे में केवल एक स्कूटर के अलग-अलग बैटरी या मोटर विकल्प देने के बजाय अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट तैयार करना महत्वपूर्ण होगा।

सवाल 8: Ather Energy की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल कब तक बाजार में आ सकती है?

जवाब: Ather Energy इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि इसे बाजार में लाने में लगभग 2-3 साल लग सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी कोई निश्चित लॉन्च टाइमलाइन तय नहीं है। मोटरसाइकिल के लिए प्लेटफॉर्म विकसित करना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें चार-पांच साल तक लग सकते हैं। प्लेटफॉर्म तैयार होने के बाद उस पर आधारित प्रोडक्ट विकसित करना अपेक्षाकृत तेजी से संभव हो सकता है।

कंपनी फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रही है कि किस तरह की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल भारतीय बाजार में सफल हो सकती है। इसके लिए ग्राहक की जरूरत, सही सेगमेंट और प्रोडक्ट की खासियतों को ध्यान में रखा जा रहा है। कंपनी केवल बाजार में सबसे पहले इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल लॉन्च करने के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहती। उसका उद्देश्य ऐसा प्रोडक्ट तैयार करना है, जिसे ग्राहक खरीदने के लिए स्पष्ट कारण देख सकें।

सवाल 9: Ather Energy ग्रामीण और छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री कैसे बढ़ाना चाहती है?

जवाब: टियर-3 शहरों तक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री अच्छी तरह पहुंच रही है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतें कुछ अलग हैं। ग्रामीण बाजार में मोटरसाइकिलों की मांग अधिक है। वहां ग्राहक अक्सर बड़े पहियों, खराब सड़कों पर उपयोगिता और रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर वाहन चुनते हैं। ऐसे में Splendor जैसी मोटरसाइकिलों की लोकप्रियता दिखाई देती है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए अवसर विकसित होने में थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल कंपनी के लिए टियर-1 और टियर-2 शहरों में भी विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

सवाल 10: मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले ग्राहकों की चार्जिंग समस्या को दूर करने के लिए Ather Energy क्या कर रही है?

जवाब: रवनीत फोकेला ने इंटरव्यू के दौरान इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के ग्राहकों के लिए चार्जिंग की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को पार्किंग तक बिजली पहुंचाने और चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है। इस समस्या को हल करने के लिए तीन स्तरों पर काम करने की जरूरत है। पहला, सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करना। दूसरा, घरों में चार्जिंग की सुविधा देना और तीसरा, रिहायशी सोसायटी और बिल्डिंग में साझा चार्जिंग व्यवस्था विकसित करना।

कंपनी के मुताबिक, घर पर सामान्य 3-पिन प्लग से चार्जिंग संभव हो सकती है। कुछ इमारतों में पार्किंग के पास मीटर रूम से कनेक्शन लेकर चार्जिंग पॉइंट बनाया जा सकता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले बिल्डिंग के नियमों और सुरक्षित इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का ध्यान रखना जरूरी है। Ather Energy इस समस्या के समाधान के लिए बिल्डरों और रियल एस्टेट कंपनियों से भी बातचीत कर रही है, ताकि नई और मौजूदा इमारतों में चार्जिंग की बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सके।

सवाल 11: Ather Energy के चार्जिंग नेटवर्क की मौजूदा स्थिति क्या है?

जवाब: रवनीत फोकेला के मुताबिक, Ather और Hero के बीच मिलकर लगभग 5,100-5,200 फास्ट चार्जर का नेटवर्क मौजूद है। इनमें से करीब 100-125 चार्जर दिल्ली में होने का अनुमान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया। कंपनी के मुताबिक, उसके सबसे तेज चार्जर से एक मिनट में लगभग 3 किलोमीटर की रेंज के बराबर चार्जिंग मिल सकती है। इस हिसाब से 10 मिनट में करीब 30 किलोमीटर की रेंज प्राप्त की जा सकती है। वास्तविक परिणाम वाहन, बैटरी की स्थिति और चार्जिंग परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं। कंपनी का मानना है कि सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, लेकिन लंबे समय में घर और ऑफिस पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होना ज्यादा उपयोगी होगा। इससे वाहन को उस समय चार्ज किया जा सकेगा, जब उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा हो।

सवाल 12: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की चार्जिंग को सभी कंपनियों के लिए एक समान बनाने की जरूरत क्यों है?

जवाब: रवनीत फोकेला का मानना है कि चार्जिंग के क्षेत्र में कंपनियों को प्रतिस्पर्धा करने के बजाय मिलकर काम करना चाहिए। अगर हर कंपनी का चार्जिंग स्टैंडर्ड अलग होगा, तो ग्राहकों को अलग-अलग चार्जिंग नेटवर्क पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन चलाने वाली कंपनियों के लिए भी कारोबार करना मुश्किल होगा, क्योंकि उन्हें हर वाहन निर्माता के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

Ather ने अपने चार्जिंग स्टैंडर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में काम किया है। बातचीत में उन्होंने बताया कि BIS ने संबंधित चार्जिंग स्टैंडर्ड को अधिसूचित किया है। उन्होंने LECCS नाम के कंसोर्टियम का भी उल्लेख किया, जिसमें वाहन निर्माता और चार्ज पॉइंट ऑपरेटर शामिल हैं। इसका उद्देश्य चार्जिंग व्यवस्था को एकीकृत करना और अलग-अलग कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि Hero और Yamaha ने भी इस स्टैंडर्ड के साथ जुड़ने की घोषणा की है, हालांकि उन्होंने बताया कि सभी कंपनियों ने अभी तक इस पर माइग्रेट नहीं किया है।

सवाल 13: क्या Ather Energy Auto Expo में नए प्रोडक्ट या तकनीक पेश करेगी?

जवाब: रवनीत फोकेला ने बताया कि Ather Energy आमतौर पर Auto Expo में हिस्सा नहीं लेती रही है। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कंपनी इस बार इसमें शामिल हो सकती है। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि Auto Expo में कौन-सा नया प्रोडक्ट पेश किया जाएगा। उनके मुताबिक, कंपनी ऐसे आयोजनों में केवल स्कूटर दिखाने के बजाय अपनी मौजूदा तकनीक और ऐसी तकनीकों पर ज्यादा ध्यान देना पसंद करती है, जिन्हें ग्राहक अभी तक करीब से नहीं देख पाए हैं। इसलिए आयोजन में कंपनी की ओर से तकनीक से जुड़ी जानकारी को प्रमुखता दिए जाने की संभावना है, लेकिन किसी विशेष लॉन्च की पुष्टि नहीं की।

सवाल 15: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में छोटे शहरों की भूमिका क्यों बढ़ रही है?

जवाब: रवनीत फोकेला के मुताबिक, टियर-2 शहरों और महानगरों से बाहर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति कई जगह अधिक दिखाई देती है। इसकी एक वजह घरों में चार्जिंग की सुविधा है। छोटे शहरों में स्वतंत्र मकान या कम मंजिलों वाली इमारतें होने के कारण ग्राहकों के लिए घर पर चार्जिंग की व्यवस्था करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इसके उलट, बड़े शहरों की बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले ग्राहकों को चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराने में अधिक परेशानी होती है।

इसके अलावा छोटे शहरों में लोगों के बीच व्यक्तिगत अनुभव और आपसी बातचीत का असर भी अधिक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति का इलेक्ट्रिक वाहन के साथ अनुभव अच्छा रहता है, तो वह अपने दोस्तों, परिवार और पड़ोसियों को इसकी जानकारी देता है। इसी तरह, खराब अनुभव भी तेजी से फैल सकता है। इसलिए ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के लिए केवल विज्ञापन पर्याप्त नहीं है। वाहन की गुणवत्ता, वास्तविक उपयोग का अनुभव और भरोसेमंद सेवा भी महत्वपूर्ण हैं।

Ather Energy की आगे की रणनीति क्या है?

रवनीत फोकेला के साथ बातचीत से स्पष्ट होता है कि Ather Energy की प्राथमिकता केवल नए इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करना नहीं है। कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, Konark की उपलब्धता का विस्तार करने, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म विकसित करने और चार्जिंग नेटवर्क को अधिक उपयोगी बनाने पर काम कर रही है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में बढ़ती मांग के अनुरूप उत्पादन, बैटरी सेल की स्थिर सप्लाई और बहुमंजिला इमारतों में चार्जिंग की सुविधा शामिल हैं। चार्जिंग स्टैंडर्ड को एकीकृत करने और रियल एस्टेट कंपनियों के साथ सहयोग करने की पहल इन समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकती है। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को लेकर कंपनी ने 2-3 साल का अनुमान दिया है, लेकिन लॉन्च की निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। वहीं, दूसरा प्लांट दिसंबर में चालू होने की उम्मीद है। इन योजनाओं की प्रगति यह तय करने में अहम होगी कि Ather Energy बढ़ती मांग को कितनी तेजी से पूरा कर पाती है।

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