नई दिल्ली,ऑटो डेस्क। वित्तीय सलाहकार और ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म एलिक्सपार्टनर्स (AlixPartners) के मुताबिक, ज्यादातर बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेजी आ रही है। इस वजह से 2028 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री ग्लोबल लेवल पर 33 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं, 2035 तक इसकी बिक्री 54 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। फर्म के ऑटोमोटिव प्रैक्टिस के सह-नेता मार्क वेकफील्ड के अनुसार, हाई निवेशों ने अब ईवी विकास को बहुत बढ़ा दिया है और अब इस सेगमेंट में ज्यादा निवेश की उम्मीद है।

आपको बता दें कि पिछले साल ग्लोबल बिक्री में EVs का योगदान 8 प्रतिशत से कम था वहीं, 2022 की पहली तिमाही में बिक्री का आंकड़ा 10 प्रतिशत से कम था। इसलिए इस मांग को बढ़ाने के लिए वाहन निर्माता ने अपनी वार्षिक ग्लोबल ऑटोमोटिव आउटलुक ब्रीफिंग में कहा कि कंपनी 2022 से 2026 तक ईवी और बैटरी पर कम से कम 526 बिलियन डॉलर का निवेश करने की उम्मीद कर रही है। यह 2020-2024 तक EV निवेश के लिए फॉरकास्ट किये गए 234 बिलियन डॉलर से दोगुना है।

वेकफील्ड ने कहा कि आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों से EV उद्योग तक पहुंचने पर भी ऑटोमोबाइल सेक्टर अभी भी आर्थिक और आपूर्ति श्रृंखला में चुनौतियों का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक इससे निपटने के लिए ऑपरेटिंग मॉडल में भारी बदलाव की आवश्यकता होगी, जो न सिर्फ पौधे या लोगों तक, बल्कि काम करने के पूरा तरीके में लागू होगा। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कंपनियों को अपने ICE और EV व्यवसायों को अलग करने से लाभ होगा।

AlixPartners को उम्मीद है कि 2024 में सप्लाइ में बाधा जारी रहेगी और इस साल कुल ग्लोबल वाहनों की बिक्री 79 मिलियन यूनिट तक गिर जाएगी। हालांकि, 2024 में यह आंकड़ा 95 मिलियन तक चढ़ने की उम्मीद है। मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में, कुल वाहन बिक्री 2023 में बढ़कर 16 मिलियन और 17.5 मिलियन के शिखर पर पहुंचने की उम्मीद है।

Edited By: Sonali Singh