नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। सीएनजी आज के समय में फ्यूल के तौर पर बहुत ज्यादा सामान्य हो गई है। देश में सीएनजी से चलने वाली कारें आपको हर जगह नजर आएंगी, क्योंकि यह पेट्रोल या डीजल जैसे फ्यूल की तुलना में ज्यादा किफायती होती हैं। सीएनजी के फायदे तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या इनके नुकसानों के बारे में आपको पता है। अगर आप इसके नुकसान नहीं जानते तो आज हम आपको इनके नुकसानों के बारे में बता रहे हैं।

परफॉर्मेंस में कमी

जब बात परफॉर्मेंस की होती है तो सीएनजी कारें पेट्रोल से चलने वाली कारों के मुकाबले काफी पीछे रह जाती हैं। सीएनजी एक नवीनतम फ्यूल है जो कि वातावरण को कम प्रदूषित करता है, वहीं जब बात प्रदर्शन की होती है तो इसमें कमी रह जाती है। 3-4 साल पुरानी सीएनजी कार स्टार्ट होते समय प्रदर्शन में कमी के संकेत देती है। साल दर साल के हिसाब से इंजन का प्रदर्शन भी 10 फीसद तक कम होता जाता है। वहीं एक्सीलेरेशन भी पेट्रोल कारों की तुलना में काफी कम होता है।

स्पेस की कमी

सीएनजी के लिए कारों में सिलेंडर के लिए अधिक स्पेस की आवश्यकता होती है, क्योंकि सीएनजी एक गैस है और गैस के लिए अधिक स्थान चाहिए होता है। इसकी वजह से कारों में पीछे गैस सिलेंडर लगा होने के चलते बूट स्पेस कम हो जाता है। इसकी वजह से सामान कम आता है।

आसानी से उपलब्धता नहीं

सीएनजी का इस्तेमाल देश के कई राज्यों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में किया जा रहा है। हालांकि कई राज्य अभी भी सीएनजी में शिफ्ट होने के लिए तैयार नहीं हैं। यह इसकी उपलब्धता के कारण भी हो रहा है। कई शहरों में सीएनजी नहीं मिलती है, जिसके कारण उपभोक्ता सिलेंडर को भरवा नहीं पाते हैं। यह एक कारण है कि सीएनजी सभी लोगों को पसंद नहीं आती है।

इंजन के साथ दिक्कतें

नई खरीदी गई सीएनजी कार को चलाते समय सबसे पहले उसे पेट्रोल पर चलाने की सलाह दी जाती है। पेट्रोल एक शानदार लुब्रीकेंट है जो कि इंजन और अन्य मोटर्स को गर्म रखता है, जिससे शुरू में ही बेहतर परफॉर्मेंस सुनिश्चित होती है। हालांकि कई पुरानी कारों के मालिक इस सिस्टम को फॉलो नहीं करते हैं, क्योंकि पेट्रोल थोड़ा महंगा है। इससे इंजन में दिक्कतें आती है।

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