नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ाना देने के लिए जहां वाहन निर्माता इसपर तेजी से काम कर रही है, वहीं सरकार भी ईवी को बढ़ावा देने में अपना पूरा समर्थन दे रही है। इसी क्रम में ईवी को प्रमोट करने के लिए 4 दिसंबर को गोवा में बैठक हो रही है, जिसमें केंद्रीय मंत्री , राज्य मंत्री और कई ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज भाग लेंगे।

4 दिसंबर को होने वाली बैठक में केंद्रीय हैवी इंजस्ट्री मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, विभिन्न राज्यों के परिवहन मंत्री, मोटर वाहन क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी और उद्योग जगत के नेता भाग लेंगे। एक अधिकारी ने बताया कि यह महा सम्मेलन देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने के लिए किया जा रहा है।

राउंड टेबल सम्मेलन का होगा आयोजन

भारी उद्योग मंत्रालय इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए इस गोलमेज (राउंड टेबल) सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में लोगों का इलेक्ट्रिक वाहन के प्रति रुझान पैदा करने पर चर्चाएं होंगी।

एक अधिकारी ने कहा, 'परिवहन मंत्री और राज्यों के मुख्य सचिवों / वरिष्ठ अधिकारियों, मोटर वाहन क्षेत्र के उद्योग जगत के नेताओं, स्टार्ट-अप और तकनीकी विशेषज्ञों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है,'

अधिकारी ने बताया कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए बढ़ावा देने और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी और उच्च तकनीक वाले ऑटोमोटिव घटकों के निर्माण में निवेश आकर्षित करने के लिए रणनीति बनाने के लिए हितधारकों को एक साथ लाकर गोलमेज यानी राउंडटेबल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

तीन बड़ी परियोजनाएं

इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और हाई-टेक्नोलॉजी ऑटोमोटिव के निर्माण को अपनाने का बढ़ावा देने के लिए, मंत्रालय 54,038 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ तीन प्रमुख योजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है।

ये योजनाएं में तमाम चीजें शामिल हैं।

FAME II के तहत 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, 5 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स, 55,000 इलेक्ट्रिक कारों और 7,090 इलेक्ट्रिक बसों को सब्सिडी के जरिए सपोर्ट किया जाना है।

Edited By: Atul Yadav