नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। कार बाजार की सुस्ती तो अभी दूर नहीं हुई है, लेकिन नए ग्राहकों की तरफ से बीएस-6 वाहनों की मांग बढ़ने लगी है। मारुति सुजुकी ने बताया है कि उसने पिछले छह महीनें में पांच लाख बीएस-6 कारों की बिक्री की है। टाटा मोटर्स ने भी बुधवार को अपनी नई प्रीमियम हैचबैक कार अल्ट्रोज को लांच करने के साथ ही अपनी सभी कारों के बीएस-6 वर्जन को उतार दिया है। कंपनी का कहना है कि बीएस-6 वर्जन में सारे उत्पाद आने के बाद कंपनी के वाहनों की मांग बढ़ने के आसार हैं।

मारुति सुजुकी ने बताया है कि कंपनी अपने तकरीबन सभी प्रमुख मॉडलों (ऑल्टो, इको, एस-प्रेसो, सिलेरिओ, वैगन-आर, स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर, अर्टिगा, एक्सएल-6) के बीएस-6 वर्जन उतार चुकी है। अप्रैल, 2019 के बाद से कंपनी ने धीरे-धीरे बीएस-6 वर्जन उतारना शुरू किया था और अभी तक पांच लाख वाहनों की बिक्री कर चुकी है। फरवरी तक कंपनी अपने सभी मॉडल का बीएस-6 वर्जन उतार देगी। कंपनी इससे उत्साहित है कि उसने बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले वाहन बनाने के लिए तकनीकी व शोध पर जो समय व पैसे खर्च किए, उसे ग्राहक पसंद कर रहे हैं। देश की एक अन्य प्रमुख कार कंपनी टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हिकल्स के प्रेसिडेंट मयंक पारीक ने दैनिक जागरण को बताया कि आज के बाद हमारी सारी गाड़ियां बीएस-6 में मिलने लगेंगी।

यह कार बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने का एक मौका है, जिसे हम गंवाना नहीं चाहते। यही वजह है कि कंपनी ने बीएस-6 मानकों के आधार पर सिर्फ इंजन ही नहीं बदला है बल्कि अपने बीएस-4 कारों की सारी डिजाइन भी बदल डाली है। टाटा मोटर्स ने बुधवार को अल्ट्रोज के साथ पहली बार प्रीमियम हैचबैक में उतरने का एलान किया। पारीक का कहना है कि अभी देश में जितनी नई कारें बिक रही हैं, उनमें 49 फीसद प्रीमियम हैचबैक हैं। इसमें टाटा मोटर्स अभी तक नहीं थी और इसका असर कुल बिक्री पर भी पड़ रहा था। कंपनी अब एक बडे सेग्मेंट में उतर रही है जिससे उसे मंदी से लड़ने में मदद मिलेगी। बीएस-6 होने के साथ ही अल्ट्रोज को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने सुरक्षा के मामले में पांच स्टार की रेटिंग दी है।

दैनिक जागरण ने बीएस-6 वाहनों के बारे में हुंडई के अधिकारियों से बात की तो उनका कहना है कि नवंबर, 2019 के बाद से नए मानकों को लेकर ग्राहकों की तरफ से ज्यादा पूछताछ हो रही है। कंपनी ने मंगलवार को औरा नाम से एक नई कार उतारी है जो बीएस-6 मानकों पर आधारित है। कंपनी सैंट्रो, निओस के पेट्रोल वर्जन के बीएस-6 मॉडल भी लांच कर चुकी है। हुंडई ने बीएस-6 में जो गाड़ियां उतारी हैं, उनकी बिक्री बीएस-4 के मुकाबले ज्यादा है। कंपनी फरवरी, 2020 तक सारे मॉडलों को बीएस-6 में उतारने जा रही है। 

Posted By: Ankit Dubey

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