नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Auto Loan: भारत की घटती अर्थव्यवस्था ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहां एक तरफ बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई से आम आदमी परेशान है। ऐसे में वाहन निर्माता कंपनियों के लिए साल 2020 काफी परेशानी भरा रहा है। वाहनों पर भारी डिस्काउंट और कम ईएमआई के बावजूद कंपनी ग्राहकों को आकर्षित नहीं कर पा रही हैं। हालांकि बैंको ने कुछ सुधार के संकेत देते हुए वाहनों पर मिलने वाले लोन की ब्याज दर में कटौती कर दी है। जिसका सीधा असर प्रत्येक माह जानें वाली ईएमआई पर पड़ेगा।

कौन से बैंक ने घटाई दरें : देखा जाए तो देश के ज्यादातर बैंक ग्राहकों की सुविधा के लिए लोन की ब्याज दर को कम कर रहे हैं। जिसमें हाल ही में सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank Of India) ने लोन की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर दिया है। इस कटौती से होम या ऑटो लोन लेने वाले ग्राहकों पर ईएमआई (EMI) का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। बता दें, सेंट्रल बैंक ने (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स- MCLR) मेंं 0.05 प्रतिशत की कटौती कर दी है। जो 15 सितंबर से लागू हो गई हैं।

हालांकि इसके पहले भी बीते सप्ताह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दर में ( 0.05 प्रतिशत), इंडियन ओवरसीज बैंक ने (0.10 प्रतिशत) और बैंक आफ महाराष्ट्र ने भी ( 0.10 प्रतिशत) की एमसीएलआर में कटौती की थी। जात्र

क्या होता है एमसीएलआर: जानकारी के लिए बता दें, मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) भारतीय रिजर्व बैंक का एक रेटिंग सिस्टम है जिसे कॉमर्शियल बैंक द्वारा ऋण ब्याज दर तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस रेटिंग सिस्टम की शुरुआत अप्रैल 2016 में आरबीआई ने ब्याज दर तय करने के लिए शुरू की थी। जिसके चलते लोगों का बैंकों से लोन लेना आसान हो गया है। 

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