ऑटो डेस्क। ऐसे समय जब घरेलू वाहन उद्योग के सामने रोजाना कानूनी और नियमों की नई अड़चनें पैदा हो रही हैं, देश में ऑटो क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रदर्शनी ऑटो एक्सपो की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।

4 फरवरी से 9 फरवरी के बीच दिल्ली से सटे नोएडा एक्सपो सेंटर में आयोजित होने वाले ऑटो एक्सपो में इस बार तकरीबन 85 नई कारें व दोपहिया वाहनों की लांचिंग होगी। इनमें से 20 ऐसी कारें होंगी, जिन्हें पहली बार दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।

ऑटो एक्सपो के लिए मारुति सुजुकी, हुंडई, होंडा से लेकर मर्सिडीज बेंज, फॉक्सवैगन समेत दर्जनों कंपनियां खास तैयारियों में जुटी हैं।

कार कंपनियों के संगठन सियाम के अध्यक्ष विनोद दसारी का कहना है कि भारतीय ऑटो उद्योग शायद अपने इतिहास के सबसे बड़े चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक तरफ पुराने वाहनों पर पाबंदी को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और न्यायालयों के फैसलों से चुनौती पैदा हुई है तो दूसरी तरफ कई सरकारों ने नए नियम बनाकर भी मुश्किल पैदा की है।

लेकिन यह भी सच है कि भारत पूरी दुनिया के ऑटो उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। ऐसे में इस साल के दिल्ली व नोएडा में आयोजित होने वाले ऑटो एक्सपो पर पूरी दुनिया की नजर है। भारत के ऑटो एक्सपो को अब दुनिया के बेहतरीन ऑटो प्रदर्शनी के तौर पर देखा जाने लगा है।

इस साल की सबसे प्रतिष्ठित लांचिंग में मारुति सुजुकी की विटारा ब्रेजा होगी। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी देश के प्रीमियम एसयूवी बाजार में नए सिरे से किस्मत आजमाएगी। इस वर्ग में कंपनी अभी तक कुछ खास करिश्मा नहीं दिखा पा रही है।

इसी तरह हुंडई की तरफ से पहली बार अपनी एमपीवी को दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। होंडा की नई एसयूवी का भी दर्शकों को इंतजार है। साथ ही भारतीय बाजार में पैर जमाने की कोशिश में जुटी रेनो की नई छोटी कार पर भी सभी की नजर है।

घरेलू कार कंपनी टाटा मोटर्स और महिंद्रा व महिंद्रा की दो नई पेशकश आने वाली है और इससे भारतीय बाजार में इन दोनों कंपनियों के भविष्य को लेकर फैसला हो सकेगा।

Posted By: MMI Team

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