यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सड़क से हटाए जाएंगे 15 साल से पुराने सरकारी वाहन, जानें क्या है वजह
अगर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो सरकारी विभाग 1 अप्रैल ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। यूनियन बजट के दौरान घोषित की गई वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी को देश भर में लागू करने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। अगर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो सरकारी विभाग 1 अप्रैल 2022 से 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन का रिन्यूअल नहीं कर पाएंगे। सरकार ने एक मसौदा अधिसूचना जारी कर इस संबंध में संबंधित नियमों में संशोधन के लिए हितधारकों के सुझाव मंगाए हैं।
आपको बता दें कि देश में लगातार बढ़ते हुए प्रदूषण के स्तर को काबू में रखने के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी को लाया गया है जिससे पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाया जा सके और इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से की जाएगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने के बाद भारत के तमाम सरकारी विभागों में 15 साल से पुराने वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा। ये नियम केंद्रीय या राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक उपक्रमों, नगरपालिका और स्वायत्त निकायों पर लागू होगा।
MORTH has issued a draft notification proposing that registration of motor vehicles owned by Central Govt, State/UT Govts, Local Govt institutions, PSUs, State Transport Undertakings, Autonomous bodies with Central / State Govts, will not be renewed after 15 years. pic.twitter.com/UbK3vS6bzv
— MORTHINDIA (@MORTHIndia) March 13, 2021
आपको बता दें कि मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज की तरफ से इस बारे में एक ट्वीट करके जानकारी दी गई है। इस ट्वीट में कहा गया है कि "आगामी 1 अप्रैल 2022 से, सरकारी विभाग 15 साल के बाद अपने वाहनों के पंजीकरण के प्रमाण पत्र का रिन्यूअल नहीं करवा पाएंगे। यह नियम सभी सरकारी - केंद्रीय, राज्य, केंद्रशासित प्रदेश, सार्वजनिक उपक्रमों, नगर निकायों और स्वायत्त निकायों पर लागू होगा।"
सरकार ने पहले कहा था कि वह पर्यावरण की रक्षा और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की योजना बना रही है, जबकि हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक वाहन और सीएनजी, इथेनॉल और एलपीजी जैसे वैकल्पिक ईंधन पर चलने वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। ग्रीन टैक्स के माध्यम से एकत्र राजस्व का उपयोग प्रदूषण से निपटने के लिए किया जाएगा।
