पुरानी कार खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये 5 चीजें, इन टिप्स के साथ कभी नहीं होगा घाटा
Second Hand Car Tips: भारत में पुरानी या यूज्ड कार को खरीदने का फैसला समझदारी भरा हो सकता है अगर आप कुछ खास बातों का ध्यान रखते हैं तो।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। पुरानी कारों की खरीदने का फैसला साल 2026 में पैसों की बचत के लिए बेहतरीन फैसला हो सकता है। लेकिन इसके लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा। आज के समय में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते हुए दाम और नई टेक्नोलॉजी के वजह से अब पुरानी कारों का मार्केट बहुत बदल गया है। ऐसे में पुरानी कार को खरीदते समय आपको इन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहले बजट तय करें
Second Hand Car खरीदते समय सबसे पहले तो एक बजट बनाएं। भारत में, इसमें ने सिर्फ कार की कीमत शामिल होनी चाहिए बल्कि Re-Registration, बीमा ट्रांसफर और छोटी-मोटी सर्विसिंग जैसे एक्सट्रा खर्च भी शामिल होनी चाहिए। खरीदार अक्सर इंफोटेनमेंट सिस्टम, सीट कवर या अलॉय व्हील्स को नजरअंदाज कर देते हैं जो लागत को बढ़ा सकते हैं।
जरूर करें मार्केट रिसर्च
कार खरीदने से पहले मार्केट रिसर्च करना बहुत जरूरी है। कार देखने जाने से पहले थोड़ा समय निकालें और बजट और जरूरत के हिसाब से ही कार चुनें और उस कार के Reviews जरूर पढ़ें। हार कार में कुछ न कुछ आम समस्याएं होती हैं इसलिए पहले ही देख लें कि आप हो मॉडल चुन रहे हैं उसमें अक्सर क्या दिक्कतें आती हैं।
भारत में कार का मेंटेनेंस भी मायने रखता है इसलिए पहले ही पक्का कर लें कि स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिलते हैं या नहीं। इसके अलावा अपने किसी पहचान वाले या इलाके के लोकल डीलर से कीमत का पता जरूर लगाएं। इससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि उस कार के लिए आपको कितने पैसे देने चाहिए।
खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव
अक्सर इंटरनेट पर दिखने वाली फोटो असली कार से अलग हो सकती है इसलिए कार को खुद ड्राइव कर के जरूर देखें। इससे आपको डेंट-पेंट, जंग और टायरों की हालत का अंदाजा मिल जाएगा। साथ ही चेक करें कि कार के सभी दरवाजे, खिड़कियां, लाइटें और डैशबोर्ड के बटन सही से काम कर रहे हैं या नहीं। ड्राइव करते समय ध्यान दें कि गियर, क्लच और स्टीयरिंग स्मूथ हो।
कार की हिस्ट्री चेक करना न भूलें
कार खरीदने से पहले उसका रिकॉर्ड चेक करना बहुत जरूरी है। यह पता लगा लें कि क्या कार का कभी कोई एक्सीडेंट हुआ है। इसके लिए आप गाड़ी के पुराने बीमा की जानकारी ले सकते हैं। साथ ही यह जांचना न भूलें कि अब तक कितने लोगों के पास कार रही है क्योंकि ज्यादा हाथों से गुजरी कार कम भरोसेमंद हो सकती है।
कागजों की बारीकी से जांच
पुरानी कार खरीदते समय चेक करें कि, Registration Certificate पर लिखा चेसिस नंबर और इंजन नंबर गाड़ी पर लिखे नंबरों से मेल खाता है या नहीं। इसके अलावा यह भी चेक करें कि PUC अभी भी वैलिड है या खत्म हो चुका है। पैसे देने के बाद, मालिकाना हक के लिए RTO में फॉर्म 29 और फॉर्म 30 भरकर जमा करने होते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 2 से 4 हफ्तों का समय लगता है जिसके बाद आपके नाम वाली नई RC बनकर आ जाएगी।
