नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। सीएनजी कार में आग लगने की घटना ईंधन से चलने वाली गाड़ियों की तुलना में अधिक पाई गई हैं। यही वजह है कि सीएनजी कार इस्तेमाल करने वाली ग्राहक वाहन चलाते समय कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतते हैं। हालांकि, बहुत से लोगों को नहीं पता है कि किन कारणों से सीएनजी कारों में  आग लगने की अधिक संभावनाएं होती हैं। इसलिए, इस खबर के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं, ताकि आप समय रहते सचेत रहें।

बाजार से अनऑथराइज्ड सीएनजी किट लगवाना

कई लोग पैसे और समय बचाने के चक्कर में बिना सत्यापन के बाहर से सीएनजी किट लगवा लेते हैं, कंपनियां अपनी गाड़ी की जरूरत के हिसाब से खुद कंपनी फिटेड गाड़ियां पेश करती हैं। वहीं कंपनी द्वारा ऑथराइज्ड सीएनजी किट लगवाया जाता है। हालांकि, बाहर बाजर और कंपनी की कीमतों में फर्क होने के चलते लोग बाहर से सीएनजी किट लगवा लेते हैं, जो आगे चलकर खतरा का कारण बन जाता है।

स्पॉर्क प्लग न बदलवाना

गाड़ी के स्पॉर्क प्लग की एक उम्र होती है, लोग कई बार स्पॉर्क प्लग को सही समय पर सही चेंज करवाते हैं, जिसके चलते कई बार शॉर्ट-सर्किट हो जाता है, जिससे सीएनजी कार में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती है। इसलिए, सलाह दी जाती है कि जब भी गाड़ी की सर्विसिंग करवाने जाएं, स्पॉर्क प्लग को जरूर चेक करवाएं।

सीएनजी कार में सिगरेट पीना

सीएनजी कार में सबसे घातक होता है धूम्रपान करना इसलिए, आप खुद तो गाड़ी के अंदर सिगरेट-बीड़ी जैसे पदार्थों का सेवन न करें और साथ ही साथ पास बैठे पैसेंजर को भी ऐसा करने से रोकें, नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

एक्सपायरी सीएनजी सिलेंडर का इस्तेमाल करना

हालांकि, एक्सपायरी सीएनजी सिलेंडर से आग लगने वाली घटनाएं अभी तक सामने नहीं आयी है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक्सपायरी सीएनजी सिलेंडर से भी आग लगने की संभावनाएं रहती है। इसलिए, जब भी सीएनजी किट लगवाएं तो उस समय सीएनजी सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें। आमतौर पर एक सीएनजी सिलेंडर की उम्र लगभग 15 साल होती है, जो कार की उम्र के साथ साथ खत्म होती जाती है।

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Edited By: Atul Yadav

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