धनु साप्ताहिक राशिफल: चंद्रमा बदलेंगे अपनी राशि, गुरु की कृपा से बनेंगे नौकरी में प्रमोशन के योग
सप्ताह की शुरुआत में चंद्रदेव तुला राशि में एकादश भाव में विराजमान रहेंगे, जहां बुधदेव और वक्री व अस्त शुक्रदेव ...और पढ़ें

धनु साप्ताहिक राशिफल: गुरु की कृपा से पदोन्नति के योग
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 16 अक्टूबर को वे आपकी राशि धनु में प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे और 18 अक्टूबर की शाम मकर राशि में द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। सूर्यदेव सप्ताह के आरंभ में कन्या राशि में दशम भाव में हैं और 17 अक्टूबर की शाम तुला राशि में एकादश भाव में प्रवेश करेंगे।
आपके राशि स्वामी गुरुदेव उच्च होकर कर्क राशि में अष्टम भाव में विराजमान हैं और मंगलदेव भी नीच राशि कर्क में वहीं हैं। शनिदेव वक्री होकर मीन राशि में चतुर्थ भाव में, राहु कुंभ राशि में तृतीय भाव में और केतु सिंह राशि में नवम भाव में रहेंगे।
यह सप्ताह आपको भावनात्मक चिंतन से धीरे धीरे बढ़े हुए आत्मविश्वास की ओर ले जाएगा। सप्ताह के आरंभ में मित्रता, प्रोफेशनल संपर्क और भविष्य की योजनाएं आपका ध्यान खींचेंगी। 13 अक्टूबर की रात चंद्रदेव द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे और कुछ विषयों को शांति से संभालना आपके लिए उचित रहेगा।
16 अक्टूबर को चंद्रदेव आपकी राशि में प्रवेश करेंगे और आपका उत्साह बढ़ जाएगा। सप्ताह के अंत में सूर्यदेव एकादश भाव में गोचर करेंगे। इसके साथ मित्रता, नेटवर्किंग और लंबे समय के लक्ष्य आपके लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएंगे।
स्वास्थ्य
सेहत के मामले में 16 अक्टूबर के बाद आपकी ऊर्जा में अच्छा सुधार दिखाई देगा। उससे पहले सप्ताह के मध्य में भावनात्मक थकान महसूस हो सकती है। मंगलदेव अष्टम भाव में नीच राशि में विराजमान हैं और शनिदेव चतुर्थ भाव में वक्री हैं, इसलिए परिवार और धन से जुड़ी चिंताएं आपके मन की शांति को प्रभावित कर सकती हैं। विश्राम की जरूरत को अनदेखा न करें।
नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और संतुलित दिनचर्या आपके लिए सहायक रहेगी। सप्ताह के अंत में जब आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करें, तब भी अपने शरीर पर जरूरत से अधिक जोर न डालें। आपकी राशि के स्वामी गुरुदेव उच्च अवस्था में हैं और संयम से चलने पर आपकी सेहत आपका पूरा साथ देगी। यहां देखें अपनी फ्री पर्सनलाइज्ड स्वास्थ्य भविष्य।
परिवार और रिश्ते
रिश्तों के लिए 16 अक्टूबर के बाद का समय अधिक सकारात्मक वातावरण लेकर आएगा। 13 से 15 अक्टूबर के बीच आप कुछ एकांत चाह सकते हैं। आप स्वयं को थोड़ा समय अवश्य दें, साथ ही अपने प्रियजनों से पूरी तरह दूरी न बनाएं। दंपतियों के लिए सप्ताह का पिछला भाग योजनाओं पर चर्चा करने के लिए बेहतर है। संभव है कि आप स्वतंत्रता चाहें और आपका साथी अधिक निश्चितता चाहे, ऐसे में बीच का मार्ग खोजना सबसे अच्छा रहेगा।
अविवाहित जातकों की भेंट मित्रों, सामाजिक कार्यक्रमों या प्रोफेशनल संपर्कों के माध्यम से किसी से हो सकती है। शुक्रदेव तुला राशि में वक्री हैं, इसलिए उस व्यक्ति के इरादों को समझने में समय लें। 16 अक्टूबर के बाद पारिवारिक जीवन भी अधिक सहज हो जाएगा। अनसुलझी समस्याओं पर लगातार ध्यान देने के बजाय उन लोगों के साथ समय बिताएं जिनके साथ आपको सहारा महसूस होता है। पर्सनलाइज्ड विवाह भविष्य यहां देखें।
शिक्षा
विद्यार्थियों के लिए 16 अक्टूबर से समय विशेष रूप से प्रोत्साहन देने वाला है। चंद्रदेव आपकी राशि में रहेंगे, आपका उत्साह बढ़ेगा और कठिन विषयों पर ध्यान लगाना सरल हो जाएगा। सप्ताह का पहला हिस्सा पढ़ाई के लिहाज से कुछ कम फलदायी रह सकता है।
उस समय का उपयोग आप अपने नोट्स को व्यवस्थित करने और छोटे काम पूरे करने में कर सकते हैं। केतु नवम भाव में विराजमान हैं, इसलिए पढ़ाई की दिशा बार बार बदलने का मन हो सकता है।
परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सलाह है कि वे 16 अक्टूबर के बाद रिवीजन और प्रैक्टिस टेस्ट पर ध्यान दें। अपनी पढ़ाई की रणनीति को अनावश्यक रूप से बदलने से बचें और जो विषय शुरू किया है, उसे पहले पूरा करें।
निष्कर्ष
आपका यह साप्ताहिक राशिफल 16 अक्टूबर के बाद बढ़ते हुए आत्मविश्वास और आशा का संकेत दे रहा है। चंद्रदेव धनु राशि में प्रवेश करके आपको फिर से गति पाने में सहयोग देंगे। 17 अक्टूबर की शाम सूर्यदेव तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जो मित्रता और प्रोफेशनल संपर्कों के लिए शुभ है।
इस सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग सोच समझकर करें। आने वाला सप्ताह आर्थिक योजना और व्यावहारिक जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान दिला सकता है।
उपाय
- गुरुवार के दिन मंदिर जाकर पीले पुष्प या केले अर्पित करें।
- आप किसी जरूरतमंद को पीली दाल का दान भी कर सकते हैं।
- शनिदेव वक्री हैं, इसलिए अपने दिए हुए वचनों को पूरा करें।
- किसी भी काम में अनावश्यक शॉर्टकट अपनाने से बचें।
- शुक्रदेव वक्री और अस्त हैं, इसलिए शुक्रवार को आवेग में आकर विलासिता की खरीदारी न करें।
लेखक: श्री आनंद सागर पाठक (astropatri.com), फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com
