सिंह मासिक राशिफल अक्टूबर 2026: वक्री ग्रहों से बढ़ेगी चुनौती, गुरु के राशि परिवर्तन से महीने के अंत में मिलेगी राहत
अक्टूबर की शुरुआत में आपके स्वामी सूर्यदेव कन्या राशि यानी दूसरे भाव में रहेंगे और 17 अक्टूबर की शाम तुला ...और पढ़ें

सिंह राशि अक्टूबर 2026: वक्री ग्रहों की चुनौती और गुरु के शुभ परिवर्तन से मिलेगी राहत
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 3 अक्टूबर से शुक्रदेव और 24 अक्टूबर से बुधदेव वक्री चलेंगे। मंगलदेव और गुरुदेव कर्क राशि यानी बारहवें भाव में रहेंगे। 31 अक्टूबर को गुरुदेव आपकी अपनी राशि सिंह यानी पहले भाव में प्रवेश करेंगे। शनिदेव मीन राशि के आठवें भाव में वक्री हैं, राहुदेव सातवें और केतुदेव पहले भाव में विराजमान रहेंगे।
आप वो इंसान हैं जो महफिल में आते ही माहौल बदल देते हैं, पर इस महीने की शुरुआत में आप कुछ ज्यादा ही सोच-विचार वाले मूड में रहेंगे। बैंक बैलेंस, घर के खर्चे और भविष्य की बचत, ये सवाल रात को सोने से पहले भी दिमाग में घूमेंगे। घबराइए मत, यही सोच आगे चलकर बड़ी राहत देगी।
महीने के बीच से आपकी बेबाकी लौट आएगी, बस उसमें थोड़ी नरमी मिला लीजिए। किसी अपने से बहस हो, तो जीतने की जिद छोड़ दें। और हां, महीने के आखिरी दिन गुरुदेव आपकी राशि में आ रहे हैं, यानी अच्छे दिनों की दस्तक दरवाजे तक पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य
सेहत की बात करें तो इस बार आपकी सबसे बड़ी दवा नींद है। बारहवें भाव में गुरुदेव और मंगलदेव आराम और एकांत की जरूरत बढ़ाएंगे। आप दिन भर काम तो निपटा लेंगे, पर शाम होते-होते शरीर जवाब देने लगेगा। रात को मोबाइल पर देर तक स्क्रॉल करने की बजाय किताब पढ़कर सोने की आदत डालिए।
बारहवें भाव के मंगलदेव कभी-कभी पैरों या आंखों में थकान दे सकते हैं। व्यस्त दिनचर्या के बहाने खाने का समय आगे-पीछे न करें। आठवें भाव में वक्री शनिदेव लंबे समय की सेहत पर ध्यान दिलाएंगे। साल भर से कोई हेल्थ चेकअप नहीं कराया है, तो इस महीने करा लीजिए और किसी भी जिद्दी लक्षण पर डॉक्टर से बात कीजिए। यहां देखें अपनी फ्री पर्सनलाइज्ड स्वास्थ्य भविष्य।
परिवार और रिश्ते
रिश्तों के मैदान में सातवें भाव के राहुदेव जीवनसाथी या पार्टनर के साथ तालमेल को थोड़ा अनिश्चित बना सकते हैं। आप चाहेंगे कि हर बात का जवाब तुरंत मिले, जबकि सामने वाला सोचने का वक्त चाहेगा। शाम को पार्टनर चुप है, तो उसे नाराजगी समझने से पहले पूछ लीजिए कि दिन कैसा रहा।
3 अक्टूबर से वक्री शुक्रदेव बीते रिश्तों की यादें ताजा कर सकते हैं और कोई पुराना नाम अचानक फोन पर चमक सकता है। 24 अक्टूबर से बुधदेव की वक्री चाल बात का बतंगड़ बनने का खतरा बढ़ाएगी। तीसरे भाव में ग्रहों का जमावड़ा भाई-बहनों से बातचीत बढ़ाएगा। परिवार में पैसों की चर्चा हो, तो आवाज ऊंची किए बिना अपनी बात रखें। पर्सनलाइज्ड विवाह भविष्य यहां देखें।
शिक्षा
छात्रों के लिए पहले पंद्रह दिन थोड़ा बंटे हुए रहेंगे, क्योंकि दूसरे भाव के सूर्यदेव घर और पैसों की चिंताओं की ओर भी ध्यान खींचेंगे। फिर भी रोज एक तय घंटा सिर्फ पढ़ाई के नाम कर दें। पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास इन दिनों सबसे फायदेमंद रहेगा।
17 अक्टूबर से तीसरे भाव के सूर्यदेव लेखन, वाद-विवाद और मीडिया से जुड़े छात्रों में जोश भरेंगे। स्कूल की मैगजीन के लिए लेख लिखना हो या कॉलेज फेस्ट में एंकरिंग, इस बार आगे आइए। 24 अक्टूबर से वक्री बुधदेव फॉर्म भरने और उत्तर लिखने में सावधानी मांगते हैं। 31 अक्टूबर को आपकी राशि में आ रहे गुरुदेव पढ़ाई के प्रति भरोसा और लगन बढ़ाएंगे।
निष्कर्ष
सिंह राशि वालों का यह मासिक राशिफल पैसों की परख से शुरू होकर खुद को व्यक्त करने पर खत्म होता है। दूसरे भाव के सूर्यदेव शुरुआत में बचत का पाठ पढ़ाएंगे और 17 अक्टूबर से तीसरे भाव में आकर हिम्मत बढ़ाएंगे, बस विनम्रता न छोड़ें।
शुक्रदेव और बुधदेव की वक्री चाल समझौतों और बातचीत में ठहराव मांगती है। 31 अक्टूबर को गुरुदेव का आपकी राशि में आना एक नए निजी चक्र का शुभारंभ है। अपनी चाहतें पहचानिए और बिना जल्दबाजी आगे बढ़िए।
उपाय
- सुबह नहाने के बाद तांबे के पात्र से सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
- सूर्यदेव के मंत्र "ॐ घृणि सूर्याय नमः" की रोज एक माला जपें।
- हर रविवार किसी मंदिर या जरूरतमंद को गुड़ और गेहूं भेंट करें।
- घर की छत पर पक्षियों के लिए अनाज और पानी रखें।
- रविवार के दिन श्री हरि विष्णु या सूर्यनारायण की आराधना करें।
लेखक: श्री आनंद सागर पाठक (astropatri.com), फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com
