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कुंभ मासिक राशिफल: अक्टूबर में खुलेंगे पुराने राज, महीने के अंत में रिश्तों में आएगा नया मोड़

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:00 AM (IST)

अक्टूबर की शुरुआत में सूर्यदेव कन्या राशि यानी आठवें भाव में रहेंगे और 17 अक्टूबर की शाम तुला राशि यानी ...और पढ़ें

कुंभ राशि अक्टूबर राशिफल: पुराने राज खुलेंगे, रिश्तों में आएगा नया मोड़

कुंभ राशि अक्टूबर राशिफल: पुराने राज खुलेंगे, रिश्तों में आएगा नया मोड़

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 3 अक्टूबर से शुक्रदेव और 24 अक्टूबर से बुधदेव वक्री होंगे। मंगलदेव और गुरुदेव कर्क राशि यानी छठे भाव में रहेंगे। 31 अक्टूबर को गुरुदेव सिंह राशि यानी सातवें भाव में जाएंगे। आपके स्वामी शनिदेव मीन राशि के दूसरे भाव में वक्री हैं, जबकि राहुदेव आपकी राशि यानी पहले भाव में और केतुदेव सातवें भाव में विराजमान रहेंगे।

आप भीड़ में भी अलग सोचने वाले इंसान हैं, और इस महीने की शुरुआत में यही सोच आपको अपने भीतर झांकने पर मजबूर करेगी। कुछ पुराने हिसाब, कुछ अधूरी बातें और मन के कुछ सवाल, सब एक-एक करके सामने आएंगे। इनसे भागिए मत, इन्हें सुलझाने का यही सही वक्त है।

महीने के बीच से मन हल्का होगा और कुछ नया सीखने या कहीं घूम आने की इच्छा जागेगी। दफ्तर में आपकी मेहनत रंग लाएगी। घर पर पैसों की बात हो, तो बड़ों की भावनाओं का ख्याल रखें। महीने के आखिरी दिन रिश्तों के लिए एक सुंदर शुरुआत का इशारा दे रहे हैं।

स्वास्थ्य

सेहत के लिहाज से छठे भाव में उच्च के गुरुदेव रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखेंगे। पुरानी किसी बीमारी के इलाज में सुधार दिख सकता है। मंगलदेव भी इसी भाव में रहकर शरीर में ताकत देंगे, बस उसे अति में न बदलने दें।

पहले पखवाड़े आठवें भाव के सूर्यदेव मन में उलझन और अनजाना डर पैदा कर सकते हैं। आपकी राशि में बैठे राहुदेव भी बेचैनी बढ़ा सकते हैं, तो रोज कुछ देर मोबाइल से दूर एकांत में बैठें। दूसरे भाव में वक्री शनिदेव खान-पान में संयम मांगते हैं। किसी लक्षण के बार-बार लौटने पर विशेषज्ञ से जांच कराएं। यहां देखें अपनी फ्री पर्सनलाइज्ड स्वास्थ्य भविष्य।

परिवार और रिश्ते

रिश्तों की दुनिया में सातवें भाव के केतुदेव जीवनसाथी के साथ कभी-कभी अनकही दूरी का एहसास करा सकते हैं। पार्टनर पास बैठकर भी मोबाइल में खोया रहे, तो ताना मारने की बजाय साथ में शाम की सैर का प्लान बनाइए। दूसरे भाव में वक्री शनिदेव परिवार में बोलचाल को संवेदनशील बना सकते हैं।

3 अक्टूबर से वक्री शुक्रदेव और 24 अक्टूबर से वक्री बुधदेव नौवें भाव में रहकर पिता, गुरु या बड़ों से वैचारिक मतभेद ला सकते हैं। उनकी बात पूरी सुनें, भले आप सहमत न हों। 31 अक्टूबर को गुरुदेव सातवें भाव में प्रवेश करेंगे, जो शादी की बात चला रहे लोगों के लिए अच्छा संकेत है। रिश्ते में लंबी सोच को जगह दें। पर्सनलाइज्ड विवाह भविष्य यहां देखें।

शिक्षा

विद्यार्थियों के लिए पहले पखवाड़े आठवें भाव के सूर्यदेव गहरे और शोध वाले विषयों में रुचि जगाएंगे। फॉरेंसिक साइंस, मनोविज्ञान या डेटा एनालिसिस पढ़ने वाले छात्र इन दिनों खास लगन दिखाएंगे। छठे भाव के गुरुदेव प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मजबूती देंगे।

17 अक्टूबर से नौवें भाव में सूर्यदेव उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई की योजनाओं को हवा देंगे। पर शुक्रदेव और बुधदेव की वक्री चाल कहती है कि यूनिवर्सिटी का आवेदन, स्कॉलरशिप फॉर्म और ईमेल भेजने से पहले दो बार जांचें। 24 अक्टूबर के बाद कोई जरूरी डेडलाइन हो, तो उसे कम से कम तीन दिन पहले निपटा लें।

निष्कर्ष

कुंभ राशि वालों का यह मासिक राशिफल बताता है कि इस बार भीतर की पड़ताल ही बाहर की तरक्की का रास्ता बनेगी। आठवें भाव के सूर्यदेव शुरुआत में छिपे मामलों पर ध्यान दिलाएंगे और 17 अक्टूबर से नौवें भाव में आकर ज्ञान और यात्रा की राह खोलेंगे। छठे भाव के गुरुदेव और मंगलदेव मेहनत से जीत दिलाएंगे, जबकि शुक्रदेव और बुधदेव की वक्री चाल बातचीत में धीरज मांगती है। 31 अक्टूबर को गुरुदेव सातवें भाव में आकर रिश्तों का नया अध्याय शुरू करेंगे।

उपाय

  • राहुदेव की शांति के लिए रोज "ॐ राहवे नमः" की एक माला जपें।
  • सुबह धीमी गति से कुछ चक्र सूर्य नमस्कार करें और शरीर पर जोर न डालें।
  • दिन में थोड़ा समय मौन और ध्यान के लिए अलग रखें।
  • हर खरीदारी से पहले खुद से पूछें कि क्या यह सच में जरूरी है।
  • जामुनी रंग का एमेथिस्ट क्रिस्टल अपनी जेब या पर्स में रखें।

लेखक: श्री आनंद सागर पाठक (astropatri.com), फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com