सीनियर से पंगा या बहुत ज्यादा इमोशनल? मूलांक के हिसाब से पहचानिए अपने करियर की सबसे बड़ी कमजोरी
ज्योतिषी रजनी गुप्ता के अनुसार, मूलांक के स्वभाव के कारण व्यक्ति के करियर में बाधाएं आ सकती हैं। जानिए कैसे प्रत्येक मूलांक की खास आदतें तरक्की में रुकावट बनती हैं।

मूलांक से जुड़ी करियर चुनौतियां (Picture Credits- AI Images)
HighLights
मूलांक 1: अहंकारवश टकराव, वरिष्ठों से संबंध खराब।
मूलांक 5: ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, कार्य बदलना।
मूलांक 9: गुस्से पर नियंत्रण नहीं, नौकरी में अस्थिरता।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर कोई अपने करियर में ऊंचा मुकाम और सफलता हासिल करना चाहता है, लेकिन कई बार सही हुनर और मेहनत के बाद भी हमारी तरक्की रूक जाती है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा होने के पीछे क्या कारण है?
एस्ट्रोपत्री की ज्योतिषी रजनी गुप्ता के मुताबिक, इसका असल कारण हमारे मूलांक का स्वभाव हो सकता है, जैसे हमारा आध्यात्मिक भावुक होना या बात-बात पर गुस्सा करना। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 के लिए वो कौन-सी आदतें हैं, जो जाने-अनजाने में हमारे करियर के लिए परेशानियां खड़ी करती हैं।
मूलांक अनुसार करियर में बाधाओं के पैटर्न
मूलांक 1
इन जातकों के साथ अक्सर देखा जाता है कि ये अत्यधिक अहंकारवश किसी की बात नहीं सुनते और सामने वाले पर हावी होने लगते हैं, जिसके कारण इनके अपने वरिष्ठ अधिकारियों (सीनियर) के साथ टकराव होने लगता है और ये झुकना पसंद नहीं करते।
मूलांक 2
ये लोग बहुत अधिक भावुक होते हैं और आत्मविश्वास की कमी के कारण इनके मन में बार-बार मनोदशा (मूड स्विंग्स) में बदलाव आने लगते हैं।
मूलांक 3
इस मूलांक के लोग अति आत्मविश्वासी (ओवरकॉन्फिडेंट) हो जाते हैं और खुद को दूसरों से अधिक आंकने लगते हैं, जिसकी वजह से इन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मूलांक 4
इन्हें हर कार्य में शॉर्टकट अपनाने की आदत होती है और इनका गुस्सा भी बहुत तेज होता है, जो करियर में रुकावट का एक बड़ा कारण बनता है।
मूलांक 5
इन जातकों को किसी भी एक कार्य पर ध्यान केंद्रित (फोकस) करने में परेशानी होती है और ये जल्दी ही हर काम से ऊब जाते हैं। बार-बार कार्य बदलने की आदत के कारण इनके कार्य में स्थिरता नहीं आ पाती है।
मूलांक 6
मूलांक 6 वाले लोग हर किसी पर बहुत जल्दी विश्वास कर लेते हैं और बाद में धोखा खाते हैं। इसके अलावा, सभी की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने की इनकी आदत होती है।
मूलांक 7
ये लोग अपनी बात किसी के सामने खुलकर नहीं कह पाते और अपनी बात को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिसकी वजह से ये अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं।
मूलांक 8
ये लोग बहुत अधिक परिश्रम करते हैं, किंतु इन्हें परिणाम बहुत देर से मिलते हैं और पदोन्नति (प्रमोशन) भी विलंब से मिलती है, जिससे ये निराश हो जाते हैं।
मूलांक 9
इन लोगों का अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रहता और ये जल्दबाजी में आकर अपनी नौकरी छोड़ देते हैं, इसलिए इनके करियर में स्थिरता नहीं बन पाती है।
