नई दिल्ली। टाटा टी ब्रांड अपने आइकॉनिक ‘जागो रे’ कैंपेन- जागो रे वर्जन 2.0 के साथ फिर लौट आया है। नया कैंपेन ‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ लोगों को प्रेरित कर रहा है कि वो हादसा होने के बाद जागना बंद करें। प्री-एक्टिविस्ट बनकर घटनाओं को होने से पहले रोकने का प्रयास करें। टाटा टी प्रीएक्टिविज्म के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि समय रहते ही समस्याओं को सुलझाया जा सके, ना कि तब, जब वो अखबरों की सुर्खियां बन जाएं।

टाटा टी ने ‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ अभियान के तहत एक वीडियो जारी किया है। इसमें बहुत दमदार और प्रासंगिक तरीके से प्रीएक्टिविज्म के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया है। वीडियो में एक लड़की लोगों के मुद्दों पर रिएक्ट करने के रवैये पर सवाल उठा रही है। वह कह रही है कि जब कोई बड़ी घटना हो जाती है, तब हम जागते हैं, सड़क से सोशल मीडिया तक में इस मुद्दे पर अपना विरोध प्रकट करते हैं। आखिर क्यों हम हादसा होने के बाद उस पर विरोध प्रकट करने के आदी हो गए हैं। मुद्दों को लेकर हम पहले सक्रिय क्यों नजर नहीं आते?

‘अलार्म बजने से पहले जागो रे’ वीडियो फिल्म में इस बात को हाइलाइट किया गया है कि हम भारतीयों को अपने बिहेवियर को बदलने की जरूरत है। आज हम ऐसे दौर में हैं, जहां अगर कोई हादसा होता है, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आते हैं, सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू हो जाते हैं। लोगों की इस चेतना को हमें उपयुक्त दिशा में ले जाना होगा। लोगों के व्यवहार को बदलकर हमें उन्हें प्रीएक्टिविज्म की ओर ले जाना होगा। हमें लोगों में हादसे होने से पहले रिएक्ट करने की भावना को जगाना है, ताकि हमारे समाज में असल में बदलाव आ सके। लोग इस बात का इंतजार ना करें कि कोई बड़ी घटना होगी फिर वो कुछ करेंगे। हमें अलार्म बजने से पहले उठने की आदत डालनी होगी। अलार्म बजने से पहले जागो रे...।

‘जागो रे’ कैंपेन का असल मकसद लोगों को जागरूक कर उनके व्यवहार में बदलाव लाना है, उन्हें प्री-एक्टिविस्ट बनाना है। यह कैंपेन किसी खास मुद्दे पर आधारित नहीं है। कैंपेन में जिन मुद्दों की बात की गई है, वो सिर्फ उदाहरण के तौर पर दिए गए हैं। कैंपेन का उद्देश्यर प्रीएक्टिविज्म के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके अलावा टाटा टी प्रीएक्टिविज्म को बढ़ावा देने के लिए ग्राउंड लेवल पर भी काफी काम कर रहा है।

जागो रे कैंपेन के पहले चरण में कई मुद्दों जैसे भ्रष्टाएचार, रिश्वतखोरी, वोटिंग और महिला सशक्तिकरण की बात की गई थी। पिछले वर्षों में टाटा टी द्वारा कराए गए अभियानों ने एक पूरी पीढ़ी को सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों के प्रति जागृत कर एक तरह की सामाजिक क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘जागो रे’ अभियान के द्वारा हमेशा सामाजिक मुद्दों के प्रति लोगों की उदासीनता पर सवाल उठाया गया है।

By Tilak Raj