सोचिए, आप अपनी उम्र भर की जमापूंजी अपने सपनों का घर खरीदने में लगा देते हैं लेकिन आपका बिल्डर आपकी गाढ़ी कमाई लेकर भी आपके काम को लटकाए रखता है। यही नहीं, जब आप उससे बात करने जाते हैं, तो वो बातों-बातों में आपको जान से मारने की धमकी देने लगता है। ऐसे में किसी भी शरीफ इंसान का डरना लाजिमी है। बहुत से लोग ऐसे हालातों में पैसा डूब जाने के डर से चुप रह जाएंगे। लेकिन जरा सोचिए, जो व्यक्ति आपको बंद कमरे में जान से मारने की धमकी दे सकता है, वो अपने फायदे के लिए आपको कोई भी नुकसान पहुंचाने से भी गुरेज नहीं करेगा।

ऐसे में बिल्डर की धमकी को सुनकर चुपचाप डर के बैठने को समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता।आपने ये पुरानी कहावत तो जरूर सुनी होगी ‘जुल्म करने वाले से बड़ा जुल्म सहने वाला होता है।’ इस बात में सच्चाई भी है, दुनिया इसलिए ज्यादा बुरी नहीं है क्योंकि यहां पर अपराध करने वालों की संख्या ज्यादा है बल्कि यहां सहने और चुप रहने वालों की संख्या ज्यादा है, इसलिए आज समाज के हालात ऐसे हैं। ऐसी ही घटना हुई 52 वर्षीय श्रीकांत शर्मा के साथ। श्रीकांत एक मध्यवर्गीय परिवार से संबंध रखते थे। अपनी प्राइवेट जॉब में वो और उनकी पत्नी हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर सेविंग्स किया करते थे।

उनकी दो बेटियां कॉलेज में पढ़ाई करती थी, जिनकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्चा श्रीकांत पर ही था. उनका और उनकी पत्नी का सबसे बड़ा सपना था अपने आशियाने का. वो चाहते थे कि उनकी बेटियों की विदाई किराये के मकान से नहीं बल्कि उनके अपने घर से हो. कई सालों बाद उनका ये सपना हकीकत में बदलने ही वाला था. जिन्होंने अपनी सारी जमापूंजी एक बिल्डर को दे दी, लेकिन जल्द ही ये सपना उनके लिए समस्या पैदा करने लगा.

असल में उस बिल्डर ने श्रीकांत से दो साल के अंदर उनकी प्रॉपर्टी देने का वादा किया था, लेकिन 4 साल होने पर भी बिल्डर ने कुछ नहीं किया. उन्होंने पहले तो बिल्डर से मिलकर उसे काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन दिन बीतते गए और उनके अपने घर का सपना उन्हें हकीकत से काफी दूर नजर आने लगा. इतने लम्बे अर्से में उन्हें बिल्डर की फितरत पता लग चुकी थी. वो भांप चुके थे कि बिल्डर उनसे सीधी तरह बात नहीं करने वाला, इसलिए श्रीकांत ने सोच लिया था कि उन्हें क्या करना है.

बिल्डर के पास जाकर जैसे ही श्रीकांत ने अपनी बात रखी, बिल्डर ने पहले तो श्रीकांत को टालने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने उनसे सीधे तौर पर जवाब मांगा तो बिल्डर ने अड़ियल रूख अपनाते हुए श्रीकांत को जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी. श्रीकांत ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और बिल्डर को समझाने-बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने अपनी धमकियां जारी रखी.

कुछ देर बाद श्रीकांत मानो जीत की मुस्कान के साथ बिल्डर के पास से खड़े हुए. उन्होंने बिल्डर को मुस्कुराते हुए अपना मोबाइल का वीडियो दिखाया.

दरअसल, श्रीकांत ने बिल्डर की पूरी बातों का अपने फोन में वीडियो बना लिया था. अपनी धमकियों वाला वीडियो देखकर बिल्डर के पसीने छूट गए. इस तरह श्रीकांत ने डरकर नहीं बल्कि डटकर बिल्डर का सामना किया. आज श्रीकांत की बहादुरी उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी है, जो किसी भी अपराध के खिलाफ आवाज उठाने से डरते हैं. श्रीकांत जी जैसी कई सच्ची घटनाएं, सावधान इंडिया मिसाल के तौर पर सबके सामने ला रहा है.

जुर्म किसी भी रूप में आपके घर में दस्तक दे सकता है. सावधान इंडिया एक बार फिर से अपने नए एपिसोड के साथ आपको सर्तक करने आ रहा है.

‘सावधान इंडिया’ देखकर न केवल आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि सही-गलत की पहचान भी कर सकते हैं. क्योंकि क्राइम को डरकर नहीं बल्कि डटकर ही रोका जा सकता है, इसलिए सर्तक रहें, सुरक्षित रहें.

http://www.hotstar.com/channels/life-ok

By Sachin Bajpai